लखनऊ के गोमतीनगर के विशालखंड-4 में अवैध रूप से खोदे जा रहे बेसमेंट के गड्ढे में दो मजदूर दब गए। दोनों को राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक की हालत गंभीर होने पर ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई। मृतक मजदूर छत्ता लाल (45) निगोहां का रहने वाला है। सूचना पर पहुंची पुलिस और एलडीए की टीम ने निर्माण तुरंत रुकवा दिया। एलडीए अधिकारी अभी नक्शे के बारे में ऊहापोह की स्थिति में हैं।
बेसमेंट खोदते समय मिट्टी में दबे दो मजदूर, एक की मौत, हो रहा था अवैध निर्माण, तस्वीरें
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अचानक से भरभराकर गिरने लगी मिट्टी
स्थानीय लोगों के मुताबिक खुदाई से प्लॉट के चारो तरफ मिट्टी का टीला बन गया था। छह मजदूर एक तरफ से मिट्टी हटा रहे थे तो दूसरी तरफ से खुदाई कर बाहर फेंकी जा रही थी। इसी बीच ऊपर से मिट्टी भरभराकर गिरने लगी। जब तक गड्ढे में मौजूद मजदूर संभलते तब तक दोनों मिट्टी के टीले के नीचे दब गए थे। एक मजदूर की गर्दन तक मिट्टी आ गई थी, जिसे किसी तरह साथी मजदूरों ने बाहर निकाला, जबकि दूसरा मिट्टी के अंदर दब गया था। उसे निकालने में पुलिस को दो घंटे लग गए।
अवैध रूप से खोदा जा रहा था बेसमेंट
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर अवर अभियंता विनोद गुप्ता और नरेंद्र सिंह पहुंचे तो दोनों इंजीनियर नक्शा पास होने के बारे में टालमटोल करने लगे। कहा कि कल कार्यालय खुलने के बाद स्थिति साफ होगी कि नक्शा पास है या नहीं। हालांकि एलडीए के इंजीनियरों के मुताबिक रिहायशी इलाके में बेसमेंट नहीं बनाया जा सकता है। खुदाई 20 फीट की हुई है। इससे साफ लग रहा है कि बेसमेंट का निर्माण कराया जा रहा है, जो पूरी तरह से अवैध है। मंगलवार को अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट दी जाएगी।
मंगलवार को होना था भूमि पूजन
हादसा स्थल पर मौजूद मजदूरों और ठेकेदार के मुताबिक लक्ष्मीकांत झुनझुनवाला ने मंगलवार को धनतेरस के दिन भूमिपूजन का कार्यक्रम रखा था। इसीलिए सोमवार को काम तेजी से किया जा रहा था। निर्माण भवन का हो रहा है या वर्कशॉप का इसके बारे में ठेकेदार को कुछ भी पता नहीं है। उसके मुताबिक इंजीनियर जो भी निर्देश देकर जाता है, उसी के मुताबिक काम किया जा रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों की माने तो वहां सराफा झुनझुनवाला अपने वर्कशॉप का निर्माण करा रहे हैं। कुछ लोगों ने बताया कि लक्ष्मीकांत का फैजाबाद में जेवरात का बड़ा कारोबार है। इस कारोबार को वह लखनऊ में भी स्थापित करने के चक्कर में हैं।
पुलिस के पास भी नहीं घायलों के नाम
सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक मजदूर को गड्ढे से बाहर निकाला, लेकिन वह बेहोश था। पुलिस को यह भी पता नहीं चल सका कि गड्ढे में दबे और बाहर काम कर रहे मजदूरों का क्या नाम है। एसएसआई गोमतीनगर ओंकार यादव के मुताबिक मौके पर सिर्फ इतनी ही जानकारी मिल सकी कि छह मजदूर बहराइच के हैं, जबकि एक सीतापुर और एक लखनऊ के निगोहां का है। देर रात तक किसी भी व्यक्ति ने तहरीर नहीं दी थी।
ठेकेदार को लोगों ने घेरा
हादसा होते ही आसपास के सैकड़ों लोग जुट गए। इसी प्लॉट पर काम के लिए मजदूर सप्लाई करने वाला ठेकेदार दिहाड़ी देने पहुंचा तो उसे घेरकर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा और नारेबाजी सुनकर पुलिस ने किसी तरह ठेकेदार को वहां से बाहर निकाला। ठेकेदार ने पुलिस को बताया कि वह मजदूरों की आपूर्ति रोज की जरूरत के हिसाब से करता है। उसे हादसे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सीओ गोमतीनगर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि सराफा करोबारी व मृतक मजदूर के परिवारीजनों को सूचना दे दी गई है। परिवारीजन तहरीर देते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।