फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शहीद के बेटे से सैनिक बोला, बेटा... तुम्हारे पापा हमेशा तुम्हारे साथ हैं, तुम उनसे भी बड़े अफसर बनना

Wed, 04 Apr 2018 09:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर Updated Wed, 04 Apr 2018 09:33 AM IST
विज्ञापन
nilesh singh cremeated in sultanpur.

जम्मू कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए ग्रेनेडियर निलेश सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। गांव के पास मझुई नदी के घाट पर शहीद के दस वर्षीय बेटे अंश ने पिता को मुखाग्नि दी। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। ‘जब तक सूरज चांद रहेगा नीलेश तेरा नाम रहेगा’ के उद्घोष से आसमान गूंज उठा। शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हर किसी की आंखें नम थीं। डोगरा रेजीमेंट फैजाबाद के सैनिकों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह, डीएम संगीता सिंह और एसपी अमित वर्मा ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी।

nilesh singh cremeated in sultanpur.

अखंडनगर क्षेत्र के नगरी निवासी रामप्रसाद के सैनिक पुत्र नीलेश सिंह (31) की तैनाती वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के शोपियां में थी। रविवार को आतंकियों के साथ मुठभेड़ में निलेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में सेना के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार रात करीब दस बजे सेना के विशेष विमान से इलाहाबाद पहुंचा। मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव अखंडनगर के नगरी लाया गया। तब तक हजारों लोगों का हुजूम गांव में इकट्ठा हो चुका था। शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। (शहीद की पत्नी अर्चना सिंह।)

nilesh singh cremeated in sultanpur.

पार्थिव शरीर को उनके आवास के सामने रखा गया। इस बीच परिवारीजनों सहित हजारों लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन किए। शहीद के परिवारीजन, रिश्तेदार व ग्रामीण दहाड़े मारकर रो रहे थे।  सोमवार तक घर के बुजुर्गों को सांत्वना दे रहा शहीद का दस वर्षीय बेटा अंश भी पिता के अंतिम दर्शन कर बिलख पड़ा। करीब डेढ़ वर्ष के छोटे बेटे शिवाय को परिवारीजन संभाल रहे थे। उस मासूम को इस बात का इल्म तक नहीं था कि अब जीवन में कभी पिता रूपी आसमान की छाया नहीं मिल सकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
nilesh singh cremeated in sultanpur.

करीब साढ़े दस बजे शहीद की अंतिम यात्रा मझुई घाट को रवाना हुई। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल रहे। रास्ते से लेकर मकान की छतों तक पर खड़े लोग शहीद नीलेश के अंतिम दर्शन को बेताब दिखे। लोगों में गम के साथ पाकिस्तान के प्रति रोष रहा। ‘जब तक सूरज चांद रहेगा निलेश तेरा नाम रहेगा’, ‘निलेश तेरा यह बलिदान याद करेगा हिंदुस्तान’, वंदे मातरम् और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों से आसमान गूंज रहा था।

विज्ञापन
nilesh singh cremeated in sultanpur.

शहीद का पार्थिव शरीर करीब 11 बजे मझुई घाट पहुंचा। घाट पर पहले से ही अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई थी। डोंगरा रेजीमेंट फैजाबाद से आए सैनिकों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। औपचारिक कर्मकांड के बाद शहीद के बेटे अंश ने पिता को मुखाग्नि दी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed