लोकसभा उपचुनाव में सपा को बसपा के समर्थन की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर बसपा संस्थापक कांशीराम और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की यह तस्वीर वायरल होने लगी। तस्वीर 1993 की है, जब सपा और बसपा ने भाजपा के खिलाफ हाथ मिलाया था और सरकार बनाई थी।
वहीं, 80 के दशक में साइकिल की सवारी करते कांशीराम की तस्वीरों को खूब सराहा गया। पुरानी तस्वीरों को शेयर करने के लिए पहचाने जाने वाले ट्विटर हैंडल इंडियन हिस्ट्री पिक्स ने इसे शेयर किया था। इसमें कांशीराम दर्जनों साइकिल सवारों के साथ प्रचार अभियान में सबसे आगे चलते दिख रहे हैं। दरअसल, गोरखपुर-फूलपुर संसदीय सीटों पर उपचुनाव में बसपा का सपा प्रत्याशियों को समर्थन के एलान के बाद पुरानी यादों को शेयर करने का दौर चल पड़ा है।
दरअसल, वर्ष 1993-94 में बसपा ने पहली बार किसी राजनीतिक दल से गठबंधन किया था तो वह सपा ही थी। जगह-जगह यह नारे लगे थे, ‘मिले मुलायम-कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम।’ नतीजों से भाजपा तो नहीं उड़ी, लेकिन ढांचा ढहने और मंदिर के नाम पर सत्ता की कुर्बानी का संदेश देने के बावजूद पिछड़ी और दलित जातियों की गोलबंदी से हार गई। उसे बमुश्किल 177 सीटें ही मिल पाईं और सपा व बसपा के गठबंधन ने दूसरों के समर्थन से बहुमत का आंकड़ा पाकर सरकार बना ली।
गोरखपुर व फूलपुर उपचुनाव के लिए बसपा का सपा के उम्मीदवारों का सहयोग करना आगामी आम चुनाव के लिए एक महागठबंधन की संभावना के तौर पर देखा जा रहा है।