यूपी में गोरखपुर व फूलपुर में होने वाले उपचुनाव में बसपा अध्यक्ष मायावती ने सपा प्रत्याशियों का समर्थन करने की अपील की है साथ ही राज्यसभा चुनाव के लिए भी सपा से सशर्त समर्थन मांगा है। मीडिया को दिए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि बसपा ने इस बार के उपचुनाव में भी पूर्व की तरह अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं लेकिन भाजपा को हराने के लिए मजबूत उम्मीदवार का समर्थन देने का फैसला किया है।
मायावती ने ये स्पष्ट कर दिया है कि उपचुनाव में सपा प्रत्याशियों का समर्थन करने का मतलब आमचुनाव 2019 में सपा-बसपा का गठबंधन नहीं है।
मायावती राज्यसभा फिर से जा सकती है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में सपा अपने अतिरिक्त मत बसपा प्रत्याशी को देगी। बदले में विधान परिषद चुनाव में बसपा अपने वोट सपा उम्मीदवार को देगी। इससे सपा के साथ ही बसपा का एक-एक राज्यसभा सदस्य चुना जाएगा। गौरतलब है कि यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए जल्द ही चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए 5 से 12 मार्च तक नामांकन किए जाएंगे।
इसके अलावा मायावती ने कांग्रेस के सामने भी शर्त रख दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यूपी में अपने विधायकों के वोट बसपा प्रत्याशी को दिलाएगी तो इसके एवज में बसपा मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगी।
उपचुनाव में सपा प्रत्याशियों के समर्थन को आम चुनाव में सपा-बसपा के गठबंधन के रूप में देखा जा रहा है लेकिन मायावती ने फिलहाल के लिए इससे इन्कार कर दिया है, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि गठबंधन तभी होगा जब बसपा को सम्मानजनक सीटें मिलेंगी। ऐसे में कहा जा रहा है कि उन्होंने गठबंधन के लिए संभावनाएं कायम रखी हैं।
आपको बता दें कि गोरखपुर व फूलपुर सीट योगी आदित्यनाथ व केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई हैं। जिन पर 11 मार्च को मतदान होगा और 14 मार्च को परिणाम घोषित किया जाएगा।