लखनऊ के चौक इलाके में रविवार रात मुकुंद ज्वैलर्स के यहां हुई 13.5 करोड़ की डकैती के बाद लुटेरों ने शॉप के मालिक और उनके बेटे को घायल कर दिया। राजधानी में अब तक हुई ये डकैती की सबसे बड़ी घटना है। देखें कैसे हुई ये घटना...
डीआईजी ने बताया कि वारदात रात करीब पौने नौ बजे उस वक्त हुई जब प्रवीण रस्तोगी शोरूम बंद करने की तैयारी कर रहे थे। शोरूम में पिता-पुत्र के अलावा पांच कर्मचारी नवाजगंज निवासी दिलीप, कैशियर सीताराम, शंकर, आशीष कुमार मिश्रा और सिद्धू मौजूद थे।
आशीष ने बताया कि मुंह पर कपड़ा बांधे सात-आठ बदमाश दुकान के भीतर घुस आए और पिस्टल व तमंचे तानकर जान से मारने की धमकी देते हुए सोने की ज्वैलरी से भरा बैग छीन लिया।
बदमाशों के साथी ने कैश पर झपट्टा मारा और करीब एक करोड़ 15 लाख रुपये उठाकर बैग में रखकर भागने लगे। प्रवीण और उनका बेटा जितांशु बदमाशों के पीछे दौड़े। दुकान के बाहर आते ही पिता-पुत्रों ने बदमाशों को दबोच लिया।
हाथापाई और मारपीट होते देख कर्मचारी भी आ गए और बदमाशों से भिड़ गए। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने हवाई फायर किया तो मार्केट में सनसनी फैल गई। बदमाशों ने प्रवीण के सिर पर पिस्टल की बट मारकर उन्हें लहूलुहान कर दिया और जितांशु के दायें पैर की एड़ी में गोली मार दी।