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पूर्व प्रधान हत्याकांड: चेयरमैन की कुर्सी ही नहीं, कारोबार भी था निशाना, फुटेज से कराया बाइक व जूते का मिलान
Thu, 31 Dec 2020 03:41 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 31 Dec 2020 03:41 PM IST
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मृतक सुजीत पांडेय।
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के मोहनलालगंज के इंद्रजीत खेड़ा के पूर्व प्रधान व व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत पांडेय की 20 दिसंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। मंगलवार रात को आशियाना इलाके में हुए मुठभेड़ में पुलिस के हाथ दो शूटर लगे थे। दोनों शूटरों ने कई राज उगले हैं।
सुजीत पांडेय हत्याकांड।
- फोटो : amar ujala
चेयरमैन की कुर्सी ही नहीं, कारोबार भी था निशाना
पुलिस के मुताबिक, हत्या का सबसे बड़ा पहलू राजनीतिक वर्चस्व कायम करना रहा। भाजपा सरकार ने मोहनलालगंज को नगर पंचायत बना दिया। इसके बाद यहां से चेयरमैन पद के लिए कई दावेदार सामने आ गए। इसमें मधुकर यादव भी अपने परिवार से किसी को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा था। लेकिन जनता के बीच सुजीत पांडेय की छवि काफी अच्छी थी। उनके सामने चुनाव मैदान में हार का डर सता रहा था लेकिन चेयरमैन की कुर्सी के लिए वह कुछ भी करने को तैयार था।
पुलिस के मुताबिक, हत्या का सबसे बड़ा पहलू राजनीतिक वर्चस्व कायम करना रहा। भाजपा सरकार ने मोहनलालगंज को नगर पंचायत बना दिया। इसके बाद यहां से चेयरमैन पद के लिए कई दावेदार सामने आ गए। इसमें मधुकर यादव भी अपने परिवार से किसी को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा था। लेकिन जनता के बीच सुजीत पांडेय की छवि काफी अच्छी थी। उनके सामने चुनाव मैदान में हार का डर सता रहा था लेकिन चेयरमैन की कुर्सी के लिए वह कुछ भी करने को तैयार था।
मोहनलालगंज पुलिस द्वारा जारी किए गए संदिग्धों के दस्तावेज।
- फोटो : amar ujala
ऐसे में सुजीत की हत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उसने साजिश रचकर हत्या को अंजाम दिलाया। हालांकि पुलिस इसके अलावा एक अन्य पहलू पर अभी पड़ताल जारी रखे है जिसमें इलाके में प्रॉपर्टी का कारोबार है। मोहनलालगंज व आसपास के इलाके में सुजीत पांडेय का प्रॉपर्टी का कारोबार काफी तेजी से बढ़ रहा था। उन पर लोगों का भरोसा होने के कारण मधुकर के प्रॉपर्टी कारोबार पर भी असर पड़ रहा था। पुलिस दोनों के बीच में कारोबार की रंजिश के बारे में भी पड़ताल कर रही है।
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वारदात स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
कुछ सफेदपोशों के जुड़े होने की आशंका
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इस हत्याकांड में मधुकर यादव के पीछे कुछ सफेदपोश लोग भी खड़े हैं। पुलिस उनकी भूमिका के बारे में भी पड़ताल कर रही है। उपुलिस को आशंका है कि मधुकर यादव को आगे कर सुजीत पांडेय को निपटाने की साजिश सफेदपोशों ने रची है। जल्द ही उनके बारे में भी खुलासा हो जाएगा। इस हत्याकांड को लेकर शुरू से ही राजनीतिक हलचल इलाके में बनी रही। डिप्टी सीएम तक को मृतक के घर जाना पड़ा।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इस हत्याकांड में मधुकर यादव के पीछे कुछ सफेदपोश लोग भी खड़े हैं। पुलिस उनकी भूमिका के बारे में भी पड़ताल कर रही है। उपुलिस को आशंका है कि मधुकर यादव को आगे कर सुजीत पांडेय को निपटाने की साजिश सफेदपोशों ने रची है। जल्द ही उनके बारे में भी खुलासा हो जाएगा। इस हत्याकांड को लेकर शुरू से ही राजनीतिक हलचल इलाके में बनी रही। डिप्टी सीएम तक को मृतक के घर जाना पड़ा।
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वारदात स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
वहीं सपा के स्थानीय विधायक ने प्रदर्शन भी किया। पुलिस के मुताबिक, जमानत के बाद जब मधुकर बाहर निकला तो उसे इस बात की जानकारी सोमवार को हो गई कि पुलिस उसे इस हत्याकांड में गिरफ्तार कर सकती है। इसके बाद से वह फरार हो गया है। आशंका है कि उसने किसी सफेदपोश के घर में शरण ली है। जल्द ही उसे दबोच लिया जाएगा।