आठ पन्ने का सुसाइड नोट लिख विवाहिता ने लगाई फांसी, हाथ और पैर पर भी लिखी अपनी दास्तां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसओ काकोरी यशकांत सिंह ने बताया कि बुधड़िया निवासी रूपचंद्र यादव केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान में कार्यरत हैं। तीन साल पहले बेटी रुचि का विवाह मोहनलालगंज के गंगाखेड़ा निवासी विपिन यादव से किया था। विपिन निजी कंपनी में काम करता है। शादी के कुछ दिन बाद से ही रुचि व ससुरालियों में अनबन होने लगी। इसके चलते तीन महीने पहले पति ने उसे मायके पहुंचा दिया।
तब से वह यहीं रह रही थी। शुक्रवार को रुचि के पिता ड्यूटी पर गए थे। जबकि मां व भाई खेतों में धान काटने चले गए। घर पर वह अकेली थी। आठ पन्ने का सुसाइड नोट लिखने के बाद दूसरी मंजिल पर बने कमरे में गई। इसके बाद दरवाजा बंद कर छत में लगी लोहे की रॉड से दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
एसओ ने बताया कि कमरे से आठ पन्ने का सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसके अलावा रुचि ने हथेली व पैरों पर भी ससुरालियों के खिलाफ काफी कुछ लिखा था। रुचि ने हथेली पर लिखा कि हमने सारी बातें पेपर लिख दी है। सबका ध्यान रखना। ससुराल वालों को सजा जरूर दिलाइएगा। कभी ससुराल वाले खुश नहीं थे।
उनकी वजह से इस स्थिति में पहुंची। परिवारीजनों के मुताबिक, वह मृत बेटी पैदा होने के बाद से डिप्रेशन में थी। इस पर ससुराल के लोगों ने उसका साथ छोड़ दिया। इसके चलते रुचि ने खुदकुशी की। एसओ ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।