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इंजीनियर बेटे ने बताया आखिर क्यों रह रहा था 15 दिन से मां की लाश के साथ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 06 Feb 2017 06:18 PM IST
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मां की लाश के साथ सो रहा था बेटा
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लखनऊ के निरालानगर के पॉश इलाके में डॉक्टर मां डॉ. मोना जबीन खान (91) की लाश के साथ 15 दिन से इंजीनियर बेटा फिरोज जमाल खान रह रहा था। दुर्गंध उठने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो एक कमरे में फोल्डिंग पलंग पर डॉ. मोना की सड़ी गली लाश मिली। जबकि 45 वर्षीय बेटी हुमा खान सोमवार से लापता है। बहरहाल डॉ. मोना की मौत कैसे हुई, इसकी वजह साफ नहीं हो सकी। फिरोज और हुमा को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है। एएसपी ट्रांस गोमती दुर्गेश कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ हो सकेगी।
मां की लाश के साथ सो रहा था बेटा
- फोटो : amar ujala
वहीं हुमा के किसी रिश्तेदार के पास होने की जानकारी मिली है। उससे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। एएसपी ने बताया कि डॉ. मोना के पति रहमत खान एलडीए के चीफ इंजीनियर थे। करीब 25 साल पहले उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से डॉ. मोना बेटे-बेटी के साथ रह रही थीं। उनका शव पलंग पर सामान्य अवस्था में पड़ा था। नीचे चप्पलें रखी थीं। ऐसा लग रहा था कि सोते वक्त ही उनकी मौत हो गई। एएसपी ने फिरोज से डॉ. मोना की मौत और परिवार के सदस्यों के बारे में बातचीत की तो वह उल्टे-सीधे जवाब देने लगा।
मां की लाश के साथ सो रहा था बेटा
- फोटो : amar ujala
आसपास के लोगों ने बताया कि फिरोज मेरठ डवलपमेंट अथॉरिटी में इंजीनियर था। करीब आठ साल पहले उसने वीआरएस ले लिया था। उसकी बहन मोना कई दिन से नजर नहीं आ रही। मोहल्ले के लोगों ने डॉ. मोना और हुमा की हत्या की आशंका जताई तो पुलिस के होश उड़ गए। डॉ. मोना के फूलबाग हुसैनगंज निवासी भाई वसीम से संपर्क किया गया। उन्होंने हुमा के किसी रिश्तेदार के घर पर होने की जानकारी दी। हुमा घर छोड़कर क्यों गई, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। हुमा से संपर्क करने के लिए पुलिस की टीम लगाई गई है।
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मां की लाश के साथ सो रहा था बेटा
मोहल्ले के लोगों ने बताया रहमत खान की मौत संदिग्ध हालात में करीब आठ साल पहले हुई थी। फिरोज ने घर पर ही गड्ढा खोदकर उनकी लाश दफना दी थी। कई दिन तक चीफ इंजीनियर नजर नहीं आए तो मोहल्लेवालों ने फिरोज से पूछताछ शुरू की। उसने बताया कि पिता कहीं बाहर गए हुए हैं। हालांकि, दुर्गंध उठने के बाद मोहल्लेवालों ने पुलिस को सूचना दी तो उनका शव गड्ढे से निकलवाया गया।
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मां की लाश के साथ सो रहा था बेटा
डॉ. मोना के कमरे से लोबान, धूपबत्ती व अगरबत्ती व राख बिखरी हुई मिली हैं। इलाकाई लोगों का मानना है कि फिरोज अपनी मां को जिंदा करने के लिए तंत्र-मंत्र कर रहा था। हालांकि, पुलिस इस बात पर यकीन नहीं कर रही। पुलिस का कहना है कि शव से उठने वाली दुर्गंध के चलते फिरोज सुबह-शाम धूपबत्ती अथवा अगरबत्ती जलाता रहा होगा।