लखनऊ में उमस भरी गर्मी में 40 से 44 डिग्री के बीच तपा रहे मौसम के तेवरों ने बुधवार को सुकून दिया। दो दिनों से चल रही दक्षिण-पूर्वी हवाओं के साथ मंगलवार देर रात से ही छाए बादलों के चलते सुबह से मौसम ने जो खुशनुमा अंगड़ाई ली, वो दिन भर जारी रही। रुक-रुककर चलते रहे हवा के धीमे तेज झोकों ने मौसम सुबह से ही ऐसा खुशनुमा बनाया।
मौसमी बदलाव का असर दिन के अधिकतम पारे पर भी दिखा। दिन का अधिकतम तापमान 24 घंटों की अपेक्षा 5.2 डिग्री लुढ़ककर 42.1 से 36.7 डिग्री पर जा पहुंचा। यह सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम पारा इस महीने तीसरी बार 30 डिग्री केपार पहुंचा। यह सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक 30.6 डिग्री दर्ज किया गया।
अधिकतम और न्यूनतम पारे में लगभग 6 डिग्री के अंतर ने दिन भर सुबह सा ही माहौल बनाए रखा। शाम को बादलों की धूप संग लुकाछिपी ने जरूर उमस बढ़ाई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को बादलों की आंशिक आवाजाही के बीच मौसम सामान्य रह सकता है। अधिकतम पारा बढ़ सकता है।
महातूफान ‘वायु’ से मानसून की रफ्तार पर खास असर नहीं
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि गुजरात के तटीय इलाकों में आए महातूफान वायु का असर प्रदेश में पहुंचने वाले मानसून की रफ्तार पर नहीं पड़ेगा। बुधवार शाम तक देश में सक्रिय मौसमी हालातों के मुताबिक, प्रदेश व राजधानी में मानसून जून के आखिरी सप्ताह में पहुंच सकता है।
मौसम विज्ञानी के मुताबिक, वायु तट से टकराने केबाद कमजोर होता जाएगा। इसलिए इस बात की संभावना नहीं है कि उसका कोई असर फौरी तौर पर प्रदेश में कोई मौसमी बदलाव करे। हां, उसके आने से बदले विंड पैटर्न या वायुमंडल में आर्द्रता प्रतिशत बढ़ने से संभव है कि तीन-चार दिन बाद प्रदेश या राजधानी के कुछेक इलाकों में बारिश हो सकती है।