लखनऊ के विकासनगर की उस झुग्गी बस्ती में अब आग की लपटें नहीं हैं, लेकिन हर तरफ बिखरी राख और जले हुए सामान अब भी उस भयावह रात की गवाही दे रहे हैं। हवा में घुली जलेपन की गंध के बीच जब सुबह की धूप उतरती है, तो खंडहर बने आशियानों के बीच खेलते बच्चों की आंखों में डर, दर्द और उम्मीद तीनों एक साथ दिखाई देते हैं। यही वे बच्चे हैं, जिनके हाथों में कभी किताबें और सपने थे, लेकिन आज वही हाथ राख के ढेर में अपना भविष्य तलाशते नजर आते हैं।
Lucknow: अग्निकांड में जलकर राख हो गया बचपन, सपने अब भी जिंदा, मासूम बोली- मैं पढूंगी
विवेक पांडेय, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Thu, 23 Apr 2026 11:25 AM IST
सार
लखनऊ के विकास नगर की झुग्गी बस्ती में आग ने कई परिवार तबाह कर दिए। अब वहां आग की लपटें भले ही न हों पर जला हुआ सामान अब भी उस भयावह रात की गवाही दे रहा है।
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