बहराइच के नानपारा रेंज के बघौली जंगल से निकलकर एक तेंदुआ सोमवार सुबह जूड़ा गांव होते हुए खैरीपुरवा गांव पहुंच गया। तेंदुए ने रास्ते में महिला समेत चार लोगों पर हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। खैरीपुरवा में तेंदुआ एक अहाते में घुसा। इस पर ग्रामीणों ने अहाते का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। सात घंटे तक तेंदुआ उसमें कैद रहा। लखनऊ से विशेषज्ञों की टीम पहुंचने के बाद तेंदुए को बेहोश कर काबू में किया गया। उसे देर शाम कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के जंगल में छोड़ दिया गया।
सात घंटे आतंक के बाद बेहोश करके पकड़ा गया तेंदुआ, हमले में पांच को किया घायल, तस्वीरें
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बहराइच वन प्रभाग के नानपारा रेंज के अंतर्गत बघौली जंगल है। जंगल सरयू नदी के कछार से होकर कतर्नियाघाट सेंक्चुरी से जुड़ता है। इसके कारण जंगल में वन्य जीवों का आवागमन बना रहता है। सोमवार सुबह छह बजे के आसपास जंगल से एक तेंदुआ जूड़ा गांव होते हुए खैरीपुरवा पहुंच गया। इस दौरान जूड़ा गांव के पास भोर में खेत जा रहे माता प्रसाद (45) और जवाहिर (33) पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। खैरीपुरवा गांव में तेंदुए के हमले में सुरेश (18) और सीमा (26) घायल हुईं। दोनों के चीख-पुकार मचाने पर गांव के लोग दौड़े।
शोर होने पर तेंदुआ मुस्तकीम के घर के निकट स्थित झोपड़ीनुमा अहाते में घुस गया। तब तक गांव के लोग एकत्रित हो चुके थे। ग्रामीणों ने हिम्मत कर अहाते का किवाड़ बाहर से बंद कर दिया। सूचना पुलिस व रेंज कार्यालय को दी। तत्काल मौके पर वन क्षेत्राधिकारी राशिद जमील खां, प्रभारी निरीक्षक संजय दूबे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तेंदुआ कमरे में बंद होने की सूचना पाकर आसपास गांवों के लोग एकत्रित हो गए। भीड़ बढ़ते देख रुपईडीहा और नवाबगंज थाने की फोर्स भी बुलाई गई।
कमरे में बंद तेंदुए को पकड़ने का कोई उपाय न देख वन क्षेत्राधिकारी ने डीएफओ आरपी सिंह को सूचना दी। डीएफओ ने तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इस पर लखनऊ चिड़ियाघर से वन्य जीव विशेषज्ञ व चिकित्सक डॉ. बृजेंद्र कुमार व कमाल अहमद को मौके पर भेजा गया। कतर्नियाघाट सेंक्चुरी से पिंजरे का इंतजाम करवाया गया। दोपहर दो बजे के आसपास लखनऊ की टीम मौके पर पहुंची।
विशेषज्ञों ने छप्पर पर चढ़कर ऊपर से कमरे में बंद तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज किया। तेंदुए के बेहोश होने पर उसे पिंजरे में पहुंचाया गया। एक घंटे बाद तेंदुए को होश आ सका। प्रभागीय वनाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि तेंदुआ पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। उच्चाधिकारियों से वार्ता हुई है। उसे कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के कतर्नियाघाट रेंज में छोड़ा जाएगा।