23 अगस्त की रात अष्टमी तिथि के साथ मिल रहे रोहिणी नक्षत्र के संयोग के चलते इसी दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाना उत्तम रहेगा। इसी दिन जयंती योग पड़ रहा है, जिसके चलते सभी के लिए इसी दिन जन्माष्टमी मनाना श्रेयस्कर रहेगा।
24 अगस्त को मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र तो मिलेगा, लेकिन अष्टमी तिथि नहीं रहेगी। इन सबके बीच नगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर झांकियों की सजावट तैयारियां शुरू हो गई हैं।
आचार्य प्रदीप ने बताया कि 22 अगस्त की रात 3:15 बजे के बाद से अष्टमी का मान शुरू हो जाएगा, जो 23 अगस्त की देर रात 3:18 बजे तक रहेगा। इसी दिन शुक्रवार की आधी रात को अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र भी मिलेगा, इसीलिये जयंती योग में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाना श्रेयस्कर है। जबकि अगले दिन 24 अगस्त शनिवार को आधी रात के समय रोहिणी नक्षत्र रहेगा, लेकिन अष्टमी नहीं मिलेगी।
औदायिक रोहिणी नक्षत्र मान्यता के चलते वैष्णवजन समेत अन्य शनिवार को जन्माष्टमी मनाएंगे। उधर, शहर में तमाम जगहों पर आयोजनों की तैयारियां शुरू हो गई है। पुलिस लाइन में कालिया नाग, कृष्ण जन्म, गोकुल के दृश्य, वासुदेव का नौका पार कराने के दृश्यों पर कलाकार काम कर रहे हैं।
महानगर पीएसी, रेलवे,, जेल की झांकियों का काम भी शुरू हुआ है। खाटू श्याम मंदिर में 24 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। अमीनाबाद में भी कृष्ण भक्तों की ओर से डिजिटल झांकी के सजाये जाने की तैयारियां हैं।