‘आज सिंधु में ज्वार उठा है नगपति फिर ललकार उठा है, कुरुक्षेत्र के कण-कण से फिर पांचजन्य हुंकार उठा है।’ पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की इस लोकप्रिय कविता का पाठ जब फिल्म अभिनेता पद्मश्री मनोज जोशी ने किया तो श्रोता अभिभूत हो गए।
स्व. वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर शनिवार को अलीगंज स्थित एक विद्यालय में ‘अटल, अचल, अविचल शब्द वाणी और स्वर त्रिवेणी’ उत्सव में अटलजी की कविताओं व गीतों के जरिये उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
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अटल बिहारी वाजपेयी
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कार्यक्रम में मुंबई से आए कलाकारों ने अटलजी के गीतों पर प्रस्तुति दी। अभिनेता सचिन खेडेकर ने अटलजी की कविता ‘कौन कौरव कौन पांडव टेढ़ा सवाल है, दोनों ओर फैला शकुनी का मायाजाल है’ का पाठ किया।
इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि अटलजी की मनमोहक छवि, अप्रतिम व्यक्तित्व और उनकी ओजस्वी कविता आज भी हर देशवासी को प्रेरित करती है। उनके भाषण न सिर्फ तत्कालीन विषयों को छूते थे बल्कि हरेक श्रोता के मन को छू लेते थे। उनका विनोदी स्वभाव गंभीर भाषण को भी हास्य के रंग में रंगने की क्षमता रखता था। ऐसे संवेदनशील, बहुमुखी प्रतिभा के धनी अटलजी हम सबके दिलों पर सदैव राज करते रहेंगे।
कार्यक्रम में सृजन संपदा संस्था के गायकों ने संगीतमय प्रस्तुति दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, धर्मपाल सिंह, राजेश अग्रवाल, बृजेश पाठक, महेंद्र सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह समेत अन्य भाजपा नेता उपस्थित थे।