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जोड़ों का दर्द हो जाएगा छूमंतर, बस करें इतना सा काम
Fri, 26 Jul 2019 05:23 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 26 Jul 2019 05:23 PM IST
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जोड़ों में दर्द हो जाएगा छूमंतर
केला
वजन घटाए और कब्ज में राहत दे कच्चा केला
कच्चा केला पोटैशियम का खजाना होता है, जो इम्यून सिस्टम को तो मजबूत बनाता ही है साथ में शरीर को दिनभर ऊर्जावान भी बनाए रखता है। कोशिकाओं को मजबूत बनाए रखता है। कच्चे केले में सेहतमंद स्टार्च होता है और साथ ही एंटी ऑक्सीडेंट्स भी। ऐसे में नियमित रूप से कच्चा केला खाना फायदेमंद होता है। यह वजन घटाने में मददगार होता है, कब्ज की समस्या में राहत देता है। भूख को शांत करता है और मधुमेह को नियंत्रित करता है। पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।
कच्चा केला पोटैशियम का खजाना होता है, जो इम्यून सिस्टम को तो मजबूत बनाता ही है साथ में शरीर को दिनभर ऊर्जावान भी बनाए रखता है। कोशिकाओं को मजबूत बनाए रखता है। कच्चे केले में सेहतमंद स्टार्च होता है और साथ ही एंटी ऑक्सीडेंट्स भी। ऐसे में नियमित रूप से कच्चा केला खाना फायदेमंद होता है। यह वजन घटाने में मददगार होता है, कब्ज की समस्या में राहत देता है। भूख को शांत करता है और मधुमेह को नियंत्रित करता है। पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।
नींबू
- फोटो : amar ujala
वजन भी कम करता है नींबू
वजन कम करने के लिए नींबू पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। पानी में नींबू और शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से वजन कम होता है। इसके अलावा नींबू सांस संबंधी परेशानियों को दूर करता है। नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो सांस के रोगियों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा मलेरिया जैसे रोग में इसका सेवन लाभकारी है। इसके अलावा लेमन के एंटीसेप्टिक गुण पैरों को आराम दिलाने में सहायक होते हैं। गुनगुने पानी में नींबू के रस को मिलाकर अपने पैरों को उसमें डुबोएं। यह आपके पैरों की मांसपेशियों को आराम देने में सहायता करेगा।
वजन कम करने के लिए नींबू पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। पानी में नींबू और शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से वजन कम होता है। इसके अलावा नींबू सांस संबंधी परेशानियों को दूर करता है। नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो सांस के रोगियों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा मलेरिया जैसे रोग में इसका सेवन लाभकारी है। इसके अलावा लेमन के एंटीसेप्टिक गुण पैरों को आराम दिलाने में सहायक होते हैं। गुनगुने पानी में नींबू के रस को मिलाकर अपने पैरों को उसमें डुबोएं। यह आपके पैरों की मांसपेशियों को आराम देने में सहायता करेगा।
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मिर्च
- फोटो : amar ujala
बीपी-शुगर नियंत्रित करती है हरी मिर्च
हरी मिर्च न सिर्फ भोजन में तीखापन लाती है बल्कि यह सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। यह ब्लड प्रेशर के साथ-साथ शुगर को भी नियंत्रित करती है। इसके अलावा इसके एंटी बैक्टीरियल गुण किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाते है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है। इसे खाने से बंद नाक खुल जाती है। जो लोग धूम्रपान करते हैं, उन्हें हरी मिर्च का सेवन ज्यादा करना चाहिए, इससे कैंसर का खतरा कम होता है।
हरी मिर्च न सिर्फ भोजन में तीखापन लाती है बल्कि यह सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। यह ब्लड प्रेशर के साथ-साथ शुगर को भी नियंत्रित करती है। इसके अलावा इसके एंटी बैक्टीरियल गुण किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाते है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है। इसे खाने से बंद नाक खुल जाती है। जो लोग धूम्रपान करते हैं, उन्हें हरी मिर्च का सेवन ज्यादा करना चाहिए, इससे कैंसर का खतरा कम होता है।
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बेल
- फोटो : amar ujala
गर्मी से राहत देता है बेल के पत्ते
बेल की तरह की इसके पत्ते भी गर्मी से राहत देते हैं। बेल की पत्तियों को सुबह-सुबह चबाकर खाने और फिर ठंडा पानी पीने से मानसिक रोगों में शांति मिलती है। शरीर में गर्मी बढ़ने पर या मुंह में गर्मी के कारण अगर छाले हो जाएं तो बेल की पत्तियों को मुंह में चबाकर खाने से लाभ होता है। बेल आंतों के लिए भी खूब अच्छा होता है। पेट व आंतों के कीड़े मारकर बाहर कर देता है। मौसम बदलने पर होने वाले सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या होने पर भी इसका इस्तेमाल फायदेमंद होता है। मोच आने पर बेल के पत्ते पीस कर गुड़ में पकाइए। इसकी गर्म पोटली बनाकर चोट की सिंकाई करें, आराम मिलेगा।
बेल की तरह की इसके पत्ते भी गर्मी से राहत देते हैं। बेल की पत्तियों को सुबह-सुबह चबाकर खाने और फिर ठंडा पानी पीने से मानसिक रोगों में शांति मिलती है। शरीर में गर्मी बढ़ने पर या मुंह में गर्मी के कारण अगर छाले हो जाएं तो बेल की पत्तियों को मुंह में चबाकर खाने से लाभ होता है। बेल आंतों के लिए भी खूब अच्छा होता है। पेट व आंतों के कीड़े मारकर बाहर कर देता है। मौसम बदलने पर होने वाले सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या होने पर भी इसका इस्तेमाल फायदेमंद होता है। मोच आने पर बेल के पत्ते पीस कर गुड़ में पकाइए। इसकी गर्म पोटली बनाकर चोट की सिंकाई करें, आराम मिलेगा।