फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ram Mandir donation embezzlement: Seers had asked- Is Nripendra Misra playing the role of a villain?

राम मंदिर चंदा गबन: चंपत के तीखे सवाल, संतों ने पूछा था- क्या नृपेंद्र मिश्र खलनायक की भूमिका निभा रहे?

Sun, 23 Aug 2026 03:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन मिश्र, अयोध्या
नितिन मिश्र, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 23 Aug 2026 03:28 AM IST
सार

चंपत राय ने 18 जून से शुरू हुए नृपेंद्र मिश्र के टीवी साक्षात्कारों, उनके बयानों में आए बदलाव, संतों की प्रतिक्रियाओं, मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उनके अधिकार और ट्रस्ट की बैठक में उनकी गैरमौजूदगी से जुड़े घटनाक्रम का सिलसिलेवार उल्लेख किया है।

विज्ञापन
Ram Mandir donation embezzlement: Seers had asked- Is Nripendra Misra playing the role of a villain?
राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की ओर से लिखी गई एक गोपनीय डायरी में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की भूमिका और उनके हालिया बयानों को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। चंपत राय ने 18 जून से शुरू हुए नृपेंद्र मिश्र के टीवी साक्षात्कारों, उनके बयानों में आए बदलाव, संतों की प्रतिक्रियाओं, मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उनके अधिकार और ट्रस्ट की बैठक में उनकी गैरमौजूदगी से जुड़े घटनाक्रम का सिलसिलेवार उल्लेख किया है। डायरी के अनुसार, चढ़ावा चोरी प्रकरण के कुछ दिन बाद संतों ने चंपत राय से पूछा कि क्या नृपेंद्र मिश्र खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं? चंपत राय ने डायरी में लिखा कि उस समय उनके पास इस सवाल का कोई उत्तर नहीं था।

विज्ञापन


डायरी के अनुसार, 18 जून से नृपेंद्र मिश्र ने दिल्ली में टेलीविजन चैनलों को साक्षात्कार देना शुरू किया और चार दिनों में करीब 14 चैनलों से बातचीत की। शुरुआत में नृपेंद्र मिश्र यह कहते थे कि उनकी जिम्मेदारी मंदिर के निर्माण कार्य तक सीमित है, लेकिन बाद में उनके बयानों की भाषा बदल गई। उन्होंने चोरी के लिए ‘डकैती’ शब्द का इस्तेमाल किया। चंपत राय ने डायरी में लिखा की, इस तरह के बयानों से समाज में खराब संदेश गया। इसके बाद 23 जून से नृपेंद्र मिश्र के सार्वजनिक वक्तव्य अचानक बंद हो गए। डायरी में इस पर सवाल उठाते हुए लिखा गया है कि “कारण जरूर खोजना होगा?”
विज्ञापन


मंदिर की अन्य व्यवस्थाओं पर अधिकार को लेकर सवाल
चंपत राय ने निर्माण समिति की बैठकों का हवाला देते हुए नृपेंद्र मिश्र की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। डायरी के मुताबिक, नृपेंद्र मिश्र पिछले छह वर्षों से हर महीने और कभी-कभी 15 दिन के अंतराल पर निर्माण समिति की बैठक के लिए अयोध्या आते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मंदिर की अन्य व्यवस्थाओं पर कभी चर्चा नहीं की। डायरी में यह भी उल्लेख है कि अनूप मित्तल ने स्वीकार किया कि मंदिर की अन्य व्यवस्थाओं अथवा हिसाब-किताब को लेकर कभी एक घंटे की भी सामूहिक चर्चा नहीं हुई। कहा, फोन पर आदेश दिए जाते हैं, लेकिन विषयों पर चर्चा नहीं की जाती।
विज्ञापन
विज्ञापन


डायरी के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह में चंपत राय से मिलने आए कुछ संतों सवाल किया कि क्या नृपेंद्र मिश्र खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं... चंपत ने लिखा कि उस समय उनके पास इस सवाल का कोई उत्तर नहीं था। इसके बाद 11, 12 और 13 जुलाई को नृपेंद्र मिश्र और अनूप मित्तल मंदिर निर्माण समिति की बैठक के सिलसिले में अयोध्या आए। डायरी के मुताबिक, एक शाम नृपेंद्र मिश्र चंपत राय से मिलने पहुंचे और करीब दो घंटे तक उनके साथ रहे। इस दौरान उन्होंने आठ-दस सवाल किए, जबकि बाकी समय चंपत राय उनके सवालों के जवाब देते रहे।


14 जुलाई को अनूप मित्तल से भी हुई बातचीत
अगले दिन 14 जुलाई को चंपत राय ने अनूप मित्तल को अकेले मिलने के लिए बुलाया। करीब एक घंटे चली बातचीत में उन्होंने नृपेंद्र मिश्र के चार दिनों में करीब 14 टीवी चैनलों को दिए साक्षात्कारों पर सवाल उठाए। डायरी में चंपत राय ने पूछा कि नृपेंद्र मिश्र जैसे अनुभवी व्यक्ति ने चार दिनों में इतने चैनलों से बातचीत क्यों की और इसके पीछे किसकी प्रेरणा थी। नृपेंद्र मिश्र के बयानों का समाज पर खराब प्रभाव पड़ा। डायरी में इन घटनाओं के साथ मंदिर की व्यवस्थाओं और निर्माण समिति की भूमिका को लेकर उठे सवालों का भी क्रमवार उल्लेख किया गया है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed