लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इनमें दिनेश कुमार सिंह की अलग पहचान थी। उनकी पहचान कानून के रक्षक और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाले अधिकारी के रूप में रही।
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दिनेश कुमार सिंह
- फोटो : अमर उजाला
दिनेश कुमार सिंह ने लखनऊ के हजरतगंज और अलीगंज जैसे प्रतिष्ठित सर्किल में बतौर क्षेत्राधिकारी और क्राइम ब्रांच के अपर पुलिस अधीक्षक के तौर पर करीब तीन साल धुआंधार काम किया। दिनेश कुमार सिंह 1993 बैच के पीपीएस अधिकारी हैं। उनके सौम्य और मिलनसार स्वभाव, निष्पक्ष कार्यशैली, अपराधियों के खिलाफ सख्ती और दिन-रात की मेहनत ने आम जनता के बीच पुलिस की छवि सुधारने का काम किया। अपराध और अपराधियों पर उनका काम सराहा गया।
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दिनेश कुमार सिंह
- फोटो : अमर उजाला
कोई भी वारदात होने पर वह ऑफिस को ही घर बना लेते थे। यानी तब तक काम करते थे, जब तक अपराध की वजह और अपराधी का नाम-पता मालूम न चल जाए। क्राइम ब्रांच में वर्ष 2014 से 2015 तक तैनाती के दौरान उन्होंने कई बड़े केस वर्कआउट किए जिसमें सबसे प्रतिष्ठित गौरी हत्याकांड था।
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दिनेश कुमार सिंह
- फोटो : अमर उजाला
इस ब्लाइंड मर्डर केस में काम करते हुए दिनेश कुमार सिंह ने कई रातें अपने ऑफिस में गुजार दी थीं। उन्होंने सर्विलांस और सुरागरसी तथा मुखबिरों का बेहतरीन इस्तेमाल कर चंद दिनों में ही केस का खुलासा कर दिया।
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दिनेश कुमार सिंह
- फोटो : अमर उजाला
दिनेश कुमार सिंह अपने ऑफिस आने वाले पीड़ितों की निजी तौर पर मदद करने वाले अधिकारी के तौर पर जाने जाते हैं। उनके इस व्यवहार से पीड़ितों का कानून व्यवस्था और पुलिस के प्रति विश्वास पैदा होता था। उनका कार्यालय हमेशा फरियादियों के लिए खुला रहता था।ऑफिस में नियमित रूप से समस्याएं सुनने के साथ ही वह फील्ड में भी वक्त देते थे। अपने सहकर्मियों व मातहतों को उन्होंने हमेशा सहयोग किया और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित किया।