राज्य सरकार ने सर्वोच्च अदालत के निर्देश पर विकास दुबे मुठभेड़ व कानपुर के बिकरू में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या की जांच के लिए गठित आयोग को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही गृह विभाग ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
आयोग के पुनर्गठन के प्रस्ताव को शुक्रवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दी गई। इसके बाद पूर्व में एकल न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित आयोग के लिए जारी अधिसूचना को संशोधित कर हुए उसमें दो नाम और जोड़ दिए गए।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कानपुर के शातिर अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर मामले व बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की जांच के लिए यूपी सरकार द्वारा गठित आयोग का पुनर्गठन किए जाने के निर्देश दिए थे।
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सुप्रीम कोर्ट ने आयोग में उतर प्रदेश सरकार के प्रस्तावित नामों पर मंजूरी जता दी थी और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश बीएस चौहान और पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता को इसमें शामिल कर दिया था। जस्टिस चौहान को जांच आयोग का प्रमुख बनाया गया है।
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मालूम हो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज शशिकांत अग्रवाल पहले से ही आयोग में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि यह जांच आयोग एक सप्ताह में काम शुरू करेगा और दो महीने में यूपी सरकार और सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगा।