ये मर्दाना कपड़ों में कौन खड़ा है...यूपी के आईपीएस अफसर नवनीत सिकेरा की फेसबुक वॉल पर इस तस्वीर के साथ जब ये लाइनें दिखीं तो हम भी चौंक गए। जी हां, सिर पर गमछा और हाथ में लट्ठ लिए ये कोई पुरुष नहीं बल्कि महिला है। कमर तक लंबे बालों को खुद अपने हाथों से काटते वक्त कमला को बेहद तकलीफ हुई थी लेकिन इसके पीछे की वजह और भी तकलीफदेह है। यहां जानें, 25 साल से ज्यादा वक्त से मर्दाना भेष में अपने अंदर की महिला को छिपाने वाली कमला की कहानी...
(तस्वीरें: बीना शर्मा)
मुजफ्फरनगर के मीरापुर दलपत इलाके में एक जाट परिवार में जन्मी कमला की शादी को कुछ ही वक्त गुजरा था कि उसके पति की मौत हो गई। कमला से उसकी बेटी छीनकर उसके ससुरालवालों ने उसे धक्के देकर निकाल दिया।
कमला के माता-पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी। उसके दो सगे भाइयों ने उसका साथ देने से इंकार कर दिया। उसका तीसरा भाई निशक्त था लेकिन उसने कमला को अपने घर में पनाह दे दी।
कमला के भाई को कैंसर हो गया। उसके दो छोटे बच्चे थे। ‘ये बच्चे तुझे ही पालने हैं’, कहते हुए कमला का भाई भी चल बसा। भाई के आखिरी शब्द कमला के जहन में बैठ गए और कमला ने तय कर लिया कि कैसे भी करके भाई के बच्चों को जिंदा रखना है।
कमला के पास जीने का सहारा भाई की थोड़ी-बहुत खेती थी। गांव में रात में ही लाइट आती थी लिहाजा खेत में सिर्फ मर्द पानी लगाने जाते थे। एक महिला का वहां जाना किसी भी लिहाज से सुरक्षित नहीं था। आए दिन महिलाओं के साथ ‘अनहोनी’की खबरें सुनने को मिलतीं। कमला नहीं चाहती थी कि देर रात वहां मर्दों को किसी महिला की मौजूदगी का अहसास हो तो उन्होंने ऐसे निकाला रास्ता...