फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दिनदहाड़े 10.20 लाख की लूट पर सीसीटीवी से मिले सुराग, इन बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस

Tue, 12 Sep 2017 11:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 12 Sep 2017 11:00 AM IST
विज्ञापन
investigation on loot with a distributor in Lucknow.

लखनऊ के अलीगंज में नेहरू बाल वाटिका के पास स्थित एचडीएफसी बैंक के गेट पर तंबाकू डिस्ट्रीब्यूटर कृष्ण जीवन रस्तोगी के मैनेजर विजय शंकर द्विवेदी से जिस तरह से 10.20 लाख रुपये लूटे गए उससे पुलिस का अनुमान है कि बदमाश कारोबारी के घर से ही पीछे लगे थे। एएसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार और सीओ अलीगंज डॉ. मीनाक्षी का भी यही मानना है। इसके लिए पुलिस महानगर स्थित आवास से लेकर अलीगंज एचडीएफसी बैंक तक के रास्ते में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।



25 से 30 साल के थे बदमाश
एएसपी ट्रांसगोमती के मुताबिक सीसीटीवजी फुटेज में दिखे बदमाशों के हुलिया से अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी उम्र करीब 25 से 30 साल के बीच है। बैंक की सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली गई है। आसपास की दुकानों पर लगे कैमरों की भी फुटेज खंगाली जा रही है।

मात्र छह सेकेंड में 10.20 लाख लूटकर फरार हो गए बदमाश, पता था किस बैग में हैं ज्यादा धन


बाइक रुकते ही सीधे टारगेट तक पहुंचा बदमाश
पुलिस के मुताबिक बदमाशों को रकम जमा करने की सटीक जानकारी थी। उन्हें पता था कि दो दिन की रकम जमा करने को कारोबारी बैंक आया हुआ है। पुलिस के मुताबिक बाइक से आए दो बदमाशों में से कार से कुछ दूरी पहले उतर गया। दूसरा बैंक के गेट पर बाइक लेकर खड़ा था। बाइक से उतरे बदमाश ने बैंक के पास स्थित रेस्टोरेंट की ओर से विजय को टारगेट कर घेर लिया।

investigation on loot with a distributor in Lucknow.

सटीक मुखबिरी का शक इसलिए
पुलिस को यह सवाल हैरान कर रहा है कि कारोबारी के बेटे सचिन और चालक संजीव के बैगों को क्यों नहीं टारगेट किया? पुलिस का मानना है कि बदमाशों को यह पता था कि कारोबारी के पास दो दिन की रकम जमा है जिसे बैंक में जमा कराई जाएगी। यही नहीं उन्हें मालूम  था कि सचिन और संजीव के बैगों में से एक में चार लाख तो एक में तीन लाख रुपये हैं। मैनेजर विजय के बैग में ही सबसे ज्यादा रकम थी। पुलिस का तर्क है कि एक साथ तीनों बैग लूटना आसान नहीं था। लिहाजा बदमाशों ने सबसे ज्यादा रकम वाले बैग को टारगेट किया। यह तभी हो सकता है जब सटीक मुखबिरी हुई हो।

सिर्फ लूटना ही था मकसद
पुलिस के मुताबिक बदमाशों के पास असलहे थे। पर, उन्होंने न तो कोई फायरिंग की और न ही किसी को मारापीटा। पहुंचते ही विजय को धक्का दिया। उसने विरोध किया तो तमंचा तान दिया पर फायर नहीं किया। इससे जाहिर है कि उनके निशाने पर सिर्फ रकम थी।

investigation on loot with a distributor in Lucknow.

कारोबारी ने कहा-मैनेजर-चालक पर पूरा भरोसा
कारोबारी कृष्ण जीवन रस्तोगी और उनके बेटे सचिन के मुताबिक लेन-देन के बारे में विजय और संजीव को ही जानकारी होती थी। दोनों पर पिता-पुत्र का पूरा भरोसा है। मूलरूप से माल और वर्तमान में कमलानगर छठा मील निवासी विजय कृष्ण जीवन रस्तोगी की एजेंसी में 17 साल से मैनेजर है। वहीं, मूलरूप से हरदोई का संजीव फैजुल्लागंज की कृष्णलोक कॉलोनी में रहता है। वह भी आठ साल से कारोबारी की गाड़ी चला रहा है। उसका एजेंसी से लेकर घर के अंदर तक आना-जाना है। पुलिस ने कारोबारी पिता-पुत्र, दोनों कर्मचारियों से अलग-अलग भी पूछताछ की।

बेटा और चालक ही अक्सर जाते थे रकम जमा कराने
कारोबारी कृष्ण जीवन ने बताया कि अक्सर रकम जमा करने विजय और संजीव ही आते थे। कभी वह भी इनके साथ बैंक आ जाते थे। सोमवार को उन्हें किसी काम से जाना था तो बेटे को साथ लेकर एक गाड़ी से निकले।

विज्ञापन
विज्ञापन
investigation on loot with a distributor in Lucknow.

गार्ड बोला-असलहा होता तो नहीं लूट पाते
एचडीएफसी बैंक की अलीगंज शाखा में सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड के पास असलहा तक नहीं था। ग्राहकों और बैंक की सुरक्षा के बारे में पूछताछ की गई तो शाखा प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव चुप्पी साध गए। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि बाहर गार्ड लगाया गया है। वहीं, तकरोही निवासी गार्ड अनूप का कहना है कि उसके पास असलहा होता तो लूट नहीं होने देता।

क्राइम ब्रांच व विशेष टीम ने शुरू की छानबीन
लूट की सूचना मिलते ही एएसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार, सीओ अलीगंज डॉ. मीनाक्षी और एसओ अलीगंज जयशंकर सिंह पहुंचे और मौका मुआयना किया। कारोबारी और कर्मचारियों से पूछताछ की। वहीं, आईजी जयनारायण सिंह भी पहुंचे और कृष्ण जीवन से बात कर जल्द वारदात का खुलासा करने का आश्वासन दिया। क्राइम ब्रांच, एएसपी ट्रांसगोमती की विशेष टीम ने वारदात की पड़ताल शुरू कर दी है।

विज्ञापन
investigation on loot with a distributor in Lucknow.

जल्द होगा खुलासा
घटना पर लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि जिस तरह से वारदात की गई, पूरी संभावना है कि इसमें एजेंसी का कोई कर्मचारी जरूर मिला है। उसने ही रकम जमा करने और रुपये के बारे में जानकारी दी है। पुलिस हर पहलू की छानबीन कर रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed