लखनऊ के अलीगंज में नेहरू बाल वाटिका के पास स्थित एचडीएफसी बैंक के गेट पर तंबाकू डिस्ट्रीब्यूटर कृष्ण जीवन रस्तोगी के मैनेजर विजय शंकर द्विवेदी से जिस तरह से 10.20 लाख रुपये लूटे गए उससे पुलिस का अनुमान है कि बदमाश कारोबारी के घर से ही पीछे लगे थे। एएसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार और सीओ अलीगंज डॉ. मीनाक्षी का भी यही मानना है। इसके लिए पुलिस महानगर स्थित आवास से लेकर अलीगंज एचडीएफसी बैंक तक के रास्ते में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
दिनदहाड़े 10.20 लाख की लूट पर सीसीटीवी से मिले सुराग, इन बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस
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सटीक मुखबिरी का शक इसलिए
पुलिस को यह सवाल हैरान कर रहा है कि कारोबारी के बेटे सचिन और चालक संजीव के बैगों को क्यों नहीं टारगेट किया? पुलिस का मानना है कि बदमाशों को यह पता था कि कारोबारी के पास दो दिन की रकम जमा है जिसे बैंक में जमा कराई जाएगी। यही नहीं उन्हें मालूम था कि सचिन और संजीव के बैगों में से एक में चार लाख तो एक में तीन लाख रुपये हैं। मैनेजर विजय के बैग में ही सबसे ज्यादा रकम थी। पुलिस का तर्क है कि एक साथ तीनों बैग लूटना आसान नहीं था। लिहाजा बदमाशों ने सबसे ज्यादा रकम वाले बैग को टारगेट किया। यह तभी हो सकता है जब सटीक मुखबिरी हुई हो।
सिर्फ लूटना ही था मकसद
पुलिस के मुताबिक बदमाशों के पास असलहे थे। पर, उन्होंने न तो कोई फायरिंग की और न ही किसी को मारापीटा। पहुंचते ही विजय को धक्का दिया। उसने विरोध किया तो तमंचा तान दिया पर फायर नहीं किया। इससे जाहिर है कि उनके निशाने पर सिर्फ रकम थी।
कारोबारी ने कहा-मैनेजर-चालक पर पूरा भरोसा
कारोबारी कृष्ण जीवन रस्तोगी और उनके बेटे सचिन के मुताबिक लेन-देन के बारे में विजय और संजीव को ही जानकारी होती थी। दोनों पर पिता-पुत्र का पूरा भरोसा है। मूलरूप से माल और वर्तमान में कमलानगर छठा मील निवासी विजय कृष्ण जीवन रस्तोगी की एजेंसी में 17 साल से मैनेजर है। वहीं, मूलरूप से हरदोई का संजीव फैजुल्लागंज की कृष्णलोक कॉलोनी में रहता है। वह भी आठ साल से कारोबारी की गाड़ी चला रहा है। उसका एजेंसी से लेकर घर के अंदर तक आना-जाना है। पुलिस ने कारोबारी पिता-पुत्र, दोनों कर्मचारियों से अलग-अलग भी पूछताछ की।
बेटा और चालक ही अक्सर जाते थे रकम जमा कराने
कारोबारी कृष्ण जीवन ने बताया कि अक्सर रकम जमा करने विजय और संजीव ही आते थे। कभी वह भी इनके साथ बैंक आ जाते थे। सोमवार को उन्हें किसी काम से जाना था तो बेटे को साथ लेकर एक गाड़ी से निकले।
गार्ड बोला-असलहा होता तो नहीं लूट पाते
एचडीएफसी बैंक की अलीगंज शाखा में सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड के पास असलहा तक नहीं था। ग्राहकों और बैंक की सुरक्षा के बारे में पूछताछ की गई तो शाखा प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव चुप्पी साध गए। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि बाहर गार्ड लगाया गया है। वहीं, तकरोही निवासी गार्ड अनूप का कहना है कि उसके पास असलहा होता तो लूट नहीं होने देता।
क्राइम ब्रांच व विशेष टीम ने शुरू की छानबीन
लूट की सूचना मिलते ही एएसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार, सीओ अलीगंज डॉ. मीनाक्षी और एसओ अलीगंज जयशंकर सिंह पहुंचे और मौका मुआयना किया। कारोबारी और कर्मचारियों से पूछताछ की। वहीं, आईजी जयनारायण सिंह भी पहुंचे और कृष्ण जीवन से बात कर जल्द वारदात का खुलासा करने का आश्वासन दिया। क्राइम ब्रांच, एएसपी ट्रांसगोमती की विशेष टीम ने वारदात की पड़ताल शुरू कर दी है।
जल्द होगा खुलासा
घटना पर लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि जिस तरह से वारदात की गई, पूरी संभावना है कि इसमें एजेंसी का कोई कर्मचारी जरूर मिला है। उसने ही रकम जमा करने और रुपये के बारे में जानकारी दी है। पुलिस हर पहलू की छानबीन कर रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।