अगर रेल की बोगी में कोई खराबी है। कोई पुर्जा गिर गया है या टूट चुका है तो बेल्जियम की ‘कोसामीरा’ मशीन तत्काल रेलवे को सूचित कर देगी जिससे लोको पायलट ट्रेन रोक देगा और हादसे से बचा जा सकेगा। इसकी जानकारी इनो रेल के आयोजन के पहले दिन एक स्टाल पर मिली। आरडीएसओ स्टेडियम में बृहस्पतिवार को इनो रेल की शुरुआत हो गई। इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में दुनियाभर के 120 उद्यमी शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनी का उद्घाटन महानिदेशक वीरेंद्र कुमार ने किया।
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बेल्जियम की एक डिवाइस चलती ट्रेन में बता देगी बोगी की खराबी, टल जाएगा हादसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 23 Nov 2018 03:36 PM IST
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इनोरेल प्रदर्शनी
- फोटो : amar ujala
इनोरेल प्रदर्शनी
- फोटो : amar ujala
इनो रेल में लगे स्टॉल पर कोसामीरा के बारे में बताया गया कि इसे बोगियों के नीचे लगाया जाता है। यह एक कॉम्पैक्ट डिवाइस है। जो कंपन के आधार पर खराबी को पकड़ती है। मसलन, एक्सेल, गियर बॉक्स वगैरह टूटने व खराबी आने पर वाइब्रेशन चेंज होगा, जिससे जानकारी मिल जाएगी। यह डिवाइस, कंट्रोल रूम को वायरलेस सिस्टम से जानकारी देगा, जहां से लोको पायलट को सूचना मिलेगी। जल्द ही इसका इस्तेमाल भारतीय रेल में होने के आसार हैं।
इनोरेल प्रदर्शनी
- फोटो : amar ujala
देश-विदेश की बेहतरीन टेक्नोलॉजी से सजी इस प्रदर्शनी में जर्मनी मुख्य भूमिका में है, जबकि जापान, चीन, चेक रिपब्लिक, ऑस्ट्रिया सहित कुल 14 देशों की रेलवे से जुड़ी तकनीकियों का प्रदर्शन हो रहा है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलिंग, ट्रैक, हाईस्पीड ट्रांसपोर्ट, मॉडर्न बोगियां और रेलवे को अत्याधुनिक बनाने वाली तकनीकियों से रूबरू होने का मौका मिलेगा। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य नॉलेज शेयरिंग, अत्याधुनिक तकनीकी का प्रदर्शन, मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा देना आदि है। वहीं शुक्रवार को इनो रेल के तहत उत्कृष्ट तकनीकी व बिजनेस अपॉरच्युनिटी इन रेलवे जैसे विषयों पर सेमिनार होंगे।
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इनोरेल प्रदर्शनी
- फोटो : amar ujala
फिंगरप्रिंट से खुलेगा रिवॉल्वर का होल्स्टर
आरपीएफ, जीआरपी व पुलिस की रिवॉल्वर व पिस्टल छीने जाने की कई खबरें आ चुकी हैं। ऐसे में डिफेंस फील्ड गन फैक्टरी के साथ मिलकर जर्मनी की कंपनी ने स्मार्ट होल्स्टर बनाए हैं। दरअसल, इस होल्स्टर में रिवॉल्वर फिट होने के बाद जब उसे निकालना होगा तो फिंगर प्रिंट यानी बायोमीट्रिक सिस्टम से ही होल्स्टर खुलेगा। यह स्मार्ट होल्स्टर आरपीएफ को भी मिलेगा।
आरपीएफ, जीआरपी व पुलिस की रिवॉल्वर व पिस्टल छीने जाने की कई खबरें आ चुकी हैं। ऐसे में डिफेंस फील्ड गन फैक्टरी के साथ मिलकर जर्मनी की कंपनी ने स्मार्ट होल्स्टर बनाए हैं। दरअसल, इस होल्स्टर में रिवॉल्वर फिट होने के बाद जब उसे निकालना होगा तो फिंगर प्रिंट यानी बायोमीट्रिक सिस्टम से ही होल्स्टर खुलेगा। यह स्मार्ट होल्स्टर आरपीएफ को भी मिलेगा।
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इनोरेल प्रदर्शनी
- फोटो : amar ujala
एलएचबी बोगियों की जांच होगी आसान
हेल्को की ओर से इनो रेल में लगाए गए स्टॉल पर वह तकनीक उपलब्ध है, जिससे लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) बोगियों की टेस्टिंग देश में ही हो सकेगी। हेल्को के अधिकारियों ने बताया कि सालाना चार हजार से अधिक एलएचबी बोगियां बनाई जा रही हैं। उनकी रबड़ पैड टेस्टिंग, बोगी टेस्टिंग वगैरह की मशीनें हेल्को बना रही है, जिससे आसानी से इन बोगियों की टेस्टिंग देश में ही हो सकेगी।
हेल्को की ओर से इनो रेल में लगाए गए स्टॉल पर वह तकनीक उपलब्ध है, जिससे लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) बोगियों की टेस्टिंग देश में ही हो सकेगी। हेल्को के अधिकारियों ने बताया कि सालाना चार हजार से अधिक एलएचबी बोगियां बनाई जा रही हैं। उनकी रबड़ पैड टेस्टिंग, बोगी टेस्टिंग वगैरह की मशीनें हेल्को बना रही है, जिससे आसानी से इन बोगियों की टेस्टिंग देश में ही हो सकेगी।