लखनऊ के जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल में आयोजित मेधावी सम्मान समारोह में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी की तरह छात्रों से अपने मन की बात कही। उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि वे राजनेता नहीं बनना चाहते थे। शुरू से ही उनकी इच्छा थी कि वे यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करें और फिर आईएएस या फिर आईपीएस बनकर देश की सेवा करें। इसके लिए मैं तैयारी भी कर रहा था, मेरे मित्र ही साथ में तैयारी कर रहे थे। मेरे साथ के बहुत सारे मित्र परीक्षा में सफल हो गए, लेकिन मेरा पैर फिसल गया और राजनीति में आ गया।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बयां की दिल की बात, कहा- बनना तो चाहता था आईपीएस पर पैर फिसल गया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ ने कहा कि नारी समाज रूपी गाड़ी का एक महत्वपूर्ण पहिया है। समाज में नर एवं नारी के संतुलन को बनाए रखने के लिए आज हमारी बेटियों को बचाना और पढ़ाना जरूरी है। इस दिशा में भारत सरकार द्वारा चलाया गया ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान निसंदेह एक सराहनीय कदम है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए जीवन में संस्कारों से जुड़े रहने की सीख दी और कहा कि चरित्र निर्माण सिर्फ विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि अभिभावक का भी काम है कि वे बच्चों को सही संस्कार दें। उनको अच्छा इंसान बनाएं।
इस अवसर पर छात्रों ने गृहमंत्री से कई सवाल पूछे। छात्रा मुब्बशिरा ने पूछा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की दिशा में क्या कदम उठाए गए हैं। इसके जवाब में राजनाथ ने बालिकाओं व महिलाओं के लिए शुरू की गई योजनाओं का जिक्र किया। साथ ही केंद्र सरकार शुरू किए गए ऑनलाइन शिकायती पोर्टल का भी जिक्र किया। एक अन्य छात्र आर्यन ने पूछा कि आजकल युवा क्यों पाश्चात्य सभ्यता की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह असर क्षणिक होता है जब बच्चे चकाचौंध से प्रभावित होते हैं, लेकिन भारत की सभ्यता इतनी सुदृढ़ है कि इसको कोई भी हिला नहीं सकता। इसको समझने के लिए कई वर्ष लगते हैं। इस अवसर पर छात्रों ने अब और नहीं नुक्कड़ नाटक का मंचन किया, जिसके माध्यम से बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार के मुद्दों को उठाया। गृहमंत्री ने मेधावी छात्रों को पुरस्कृत भी किया। स्कूल के एमडी सर्वेश गोयल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।