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यूपी के इस जिले में हिंदू परिवारों ने भी रखे हैं ताजिए, जानें इससे जुड़ीआस्था की वजह

Fri, 21 Sep 2018 02:15 PM IST
टीम डिजिटल, , अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल, , अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 21 Sep 2018 02:15 PM IST
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hindu families are also keeping tazia in their home
ताजिया रखते हिंदू परिवार - फोटो : amar ujala
मोहर्रम को वैसे तो मुस्लिम समुदाय के लोग ही मनाते हैं लेकिन हिंदुओं में भी मोहर्रम के प्रति आस्था कुछ कम नहीं है। बहराइच में कुछ हिंदू परिवार ऐसे हैं जो ताजिये रखते हैं। परिवार में सुख समृद्धि और खुशहाली बनी रहे, इसी इबादत के साथ ताजिए रखने की परंपरा को निभाते आ रहे हैं। 

 
hindu families are also keeping tazia in their home
ताजिए रखते हिंदू परिवार - फोटो : amar ujala
बेटी के स्वास्थ्य सलामती के लिए रख रहे ताजिया
भाव की चादर अगर तुम ओढ़ लो, आस्था पत्थर में भी तिनके में भी।आस्था ही जिंदगी की डोर है, आस्था घंटी में भी मनके में भी। हुजूरपुर विकास खंड क्षेत्र के ग्रामपंचायत ताजपुर के त्रिवेदीपुरवा निवासी शुकई पुत्र बद्री के बेटे की मौत हो चुकी है। छह साल पूर्व पुत्री नीलू का जन्म हुआ। लेकिन वह अक्सर बीमार रहती थी। शुकई बताते हैं कि बहराइच से लेकर लखनऊ तक के डाक्टरों को दिखाया लेकिन बेटी की तबियत में सुधार नहीं हो रहा था, तभी मोहर्रम का महीना शुरू हुआ। लोगों ने बेटी के स्वास्थ्य की सलामती के लिए ताजिया रखने को कहा। पहले तो बात अखरी लेकिन बेटी के स्वास्थ्य के लिए ताजिया रखने की मन्नत मांगी। मन्नत मांगने के सप्ताह भर में ही बेटी स्वस्थ हो गई। तभी से प्रतिवर्ष ताजिया रख रहे हैं। 
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मोहर्रम पर ताजिए रखते हिंदू परिवार - फोटो : amar ujala
निभा रहे हैं परंपरा
फखरपुर विकासखंड के खालिद पुर निवासी राम किशन बाल्मिीकि के घर पर वर्षों से ताजिया रखी जा रही है। रामकिशुन बताते हैं कि बाबा व परबाबा के समय से ताजिया रखी जा रही है। उसी परंपरा को निभा रहे हैं। उधर विकासखंड चित्तौरा के ग्राम नगरौर में मुंशीलाल के घर भी ताजिया रखने की परंपरा है। घर की महिलाओं ने बताया कि इमाम हुसैन की याद में घर में ताजिया रखने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि इससे वर्ष भर परिवार खुशहाल रहता है। इसीलिए परंपरा को निभा रहे हैं।  
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मोहर्रम पर ताजिए रखते हिंदू परिवार - फोटो : amar ujala
कोई घर का कलह मिटने पर तो कोई पत्नी के स्वस्थ होने पर भर रहा पायग
ताजियेदारों के बीच पायग भी होते हैं। यह सभी सुबह से देर शाम तक बिना अन्न पानी के ताजिए के साथ चलते हैं। ताजपुर निवासी शिवकुमार गुप्ता, सूरज, विवेक कुमार, प्रभूदीन, गोविंद, अंजेश, नानबाबू शुक्रवार को पायगभरकर ताजिए के साथ चलते दिखे।
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मोहर्रम पर ताजिए रखते हिंदू परिवार - फोटो : amar ujala
शिवकुमार ने बताया पत्नी बहुत बीमार रहती थी। उसके स्वस्थ होने पर पायग भर रहे हैं। वहीं सूरज और नानबाबू घर की कलह समाप्त होने पर पायग भरने की मन्नत पूरी करते दिखे। विवेक ने बताया कि वह स्वयं बीमार रहते थे इस पर मां ने स्वस्थ होने की मन्नत मांगी थी। उसी मन्नत को पूरा कर रहे हैं। वहीं गोविंद अपनी संतानों के स्वस्थ होने पर मन्नत पूरी कर रहे हैं। जबकि प्रभूदीन और अंजेश ने अपनी मन्नत बताने से इंकार किया। 
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