लखनऊ में चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर सो रहे विकासनगर के बटाहा सुबौली निवासी दीपक कश्यप को जीआरपी ने पीट दिया। उसे सुबह को हवालात में डालकर धुनाई करते रहे। पुलिस उस पर महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप लगा रही थी। वहीं युवक हवालात में पुलिस से बार-बार पूछ रहा था, ‘साहब! मुझे क्यों पीटा जा रहा है, मेरा क्या दोष है?’
पुलिस पीटती रही युवक पूछता रहा...मेरी गलती क्या है, फिर आहत युवक ने की गोमती में कूदने की कोशिश
सुबह पुलिस ने उसे हवालात से बाहर किया और स्टेशन से भाग जाने को कहा। पिटाई से आहत दीपक हनुमान सेतु के पास गोमती नदी के किनारे पहुंचा। वहां पुल पर लगी जाली को पार किया और बीच पुल पर पहुंचकर नदी में कूदने की कोशिश की। इसकी सूचना मिलने पर हजरतगंज और हसनगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
हजरतगंज प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह ने जीआरपी के पुलिसकर्मियों खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर नीचे उतारा और कोतवाली ले गई। दीपक ने बताया कि कोतवाली में भी पहले उसे एक कमरे में ले जाकर रबर के पट्टे से पीटा गया। इसके बाद हवालात मे डालकर लात घूसों से पिटाई की गई।
चारबाग गया था दोस्त को लेने
दीपक सोमवार रात दिल्ली से आ रहे दोस्त समीर को लेने स्टेशन गया था। दीपक के मुताबिक, ट्रेन लेट होने से वह प्लेटफार्म नंबर एक पर सो गया। सुबह करीब पांच बजे जीआरपी के तीन पुलिस वाले आए और उसे उठाकर पूछताछ करने लगे। उन्होंने महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर पीटना शुरू कर दिया। प्लेटफार्म से पिटाई करते हुए एक कमरे में ले गए। जहां बूट से सीने पर कई बार मारा और जेब में रखे छह हजार रुपये छीन लिए। उसके सवाल का किसी के पास जवाब नहीं था कि अगर छेड़छाड़ कर रहा था तो पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।
लेकिन सिपाही का पसीजा दिल, खिलाया खाना
दीपक के मुताबिक, उसके पिता मोहनलाल एलडीए में नौकरी करते थे। 15 साल पहले वह लापता हो गए। इसके बाद मां भी घर छोड़कर चली गई। वह अकेला रहता है। उसके पास इतने रुपये नहीं थे कि वह खाना खा सके। पुलिस की पिटाई और भूख से वह तड़प रहा था। हवालात में उसे दयनीय हालत में देख लालबाग में तैनात सिपाही वसीम ने उसको खाना खिलाया। प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह के मुताबिक, दीपक वालिया लॉन विकासनगर में इलेक्ट्रिशियन कर काम करता है। वहां के कर्मचारी नासिर को बुलाकर उसे सुपुर्द कर दिया गया है।