बुधवार दोपहर जवाहर भवन की पांचवीं मंजिल से कूदकर एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली। फर्श पर गिरने के बाद वह तड़पता रहा।
जवाहर भवन की पांचवी मंजिल से कूदा कर्मचारी, मचा हड़कंप, तस्वीरें
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पुलिस और एसोसिएशन के पदाधिकारियों के पहुंचने के बाद उन्हें सिविल अस्पताल जे जाया गया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इंस्पेक्टर हजरतगंज विजयमल यादव ने बताया कि हरिश्चंद्र मूलरूप से उन्नाव के नवाबगंज के रहने वाले थे और रोज वहीं से ऑफिस आते-जाते थे।
वह जवाहर भवन में ग्राम विकास विभाग के पांचवें तल पर स्थित ऑफिस में बैठते थे। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ऑफिस की खिड़की से वे कूद गए। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। हरिश्चंद्र जुलाई में रिटायर हो जाते। उनका दो दिन बाद ही प्रमोशन होना था।
...पर इनका आरोप-प्रताड़ित करते थे अफसर
ग्राम विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि हरिश्चंद्र को बीते 20 दिन से अपर आयुक्त प्रशासन हेमंत कुमार प्रताड़ित कर रहे थे। कोर्ट की अवमानना के एक मामले में जेल भेजने की धमकी दे रहे थे। बुधवार सुबह भी अपर आयुक्त प्रशासन ने हरिश्चंद्र को धमकाया जिसके बाद उसने पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी।
परिवार में मचा कोहराम
पत्नी जीवंती देवी, बेटा संदीप और ऋषि तथा बेटी नीरू सिविल अस्पताल पहुंच गए। संदीप ने बताया कि छह बेटियों में केतकी, गुड़िया, बल्लो, मनीषा व एक अन्य की शादी हो चुकी है। सिर्फ नीरू का ब्याह होना बाकी है। परिवारीजनों ने कहा कि बेटियों की शादी के बाद बेटों को दूल्हा बनना था लेकिन इससे पहले ही हरिश्चंद्र दुनिया छोड़ गए।