फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इस स्कूल में रोज पढ़ने आते हैं बच्चे मगर नहीं आते मास्टर जी

Tue, 02 Feb 2016 10:02 AM IST
Updated Tue, 02 Feb 2016 10:02 AM IST
विज्ञापन

इस स्कूल में रोज पढ़ने आते हैं बच्चे मगर नहीं आते मास्टर जी

goverment school close from last 5 days

राजधानी में पूरे अमले की नाक के नीचे एक ऐसा सरकारी स्कूल है, जहां पढ़ाने वाले नहीं आते लेकिन बच्चे रोजाना पहुंचते हैं।


इस स्कूल में रोज पढ़ने आते हैं बच्चे मगर नहीं आते मास्टर जी

goverment school close from last 5 days

बीएसए ने दो शिक्षकों आशीष पवार और सुधा यादव को सोमवार को निलंबित तो कर दिया लेकिन यह मामला सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की बदहाली बताने के लिए काफी है।

इस स्कूल में रोज पढ़ने आते हैं बच्चे मगर नहीं आते मास्टर जी

goverment school close from last 5 days

प्राथमिक विद्यालय मड़ियांव-2 में बच्चे रोजाना आते थे, लेकिन स्कूल में ताला देखकर लौट जाते थे। सोमवार को भी बच्चे स्कूल खुलने के समय सुबह नौ बजे विद्यालय पहुंच गए। उसी समय वहां न्याय पंचायत अधिकारी भी पहुंचे।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस स्कूल में रोज पढ़ने आते हैं बच्चे मगर नहीं आते मास्टर जी

goverment school close from last 5 days

कक्षा चार में पढ़ने वाले राज, फिजा, सना और साइमा ने बताया कि सभी बच्चे सुबह नौ बजे आ जाते हैं, लेकिन शिक्षक कभी 11 बजे के पहले नहीं आते। आने के बाद उनकी ड्यूटी केवल मिड-डे मील खिलाने की होती है।

विज्ञापन

इस स्कूल में रोज पढ़ने आते हैं बच्चे मगर नहीं आते मास्टर जी

goverment school close from last 5 days

बच्चों ने स्कूल में आशीष पवार, सुधा यादव, ऊषा देवी, आरती और एक अन्य शिक्षिका के होने की बात कही। हालांकि बीएसए प्रवीण मणि त्रिपाठी ने स्कूल में आशीष पवार, सुधा यादव और ऊषा देवी के रूप में केवल तीन शिक्षक होने की बात बताई।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed