जर्मनी के रहने वाले जोड़े को भारत की मिट्टी और संस्कृति ऐसी भाई कि 05 साल तक लिव-इन-रिलेशन में रहने के बाद दोनों ने गुरुवार को अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। बकायदा पंडित ने न सिर्फ मंत्रोच्चारण कर शादी कराई, बल्कि अगवानी के दौरान बैंडबाजे की धुन पर लोग खूब थिरके भी। पंडाल लगाकर भोजन की व्यवस्था कराई गई। सिर्फ गांव के ही नहीं, बल्कि बाहरी लोगों ने भी इस शादी में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। सात फेरे लेने के बाद विवाह के बंधन में बंधे विदेशी जोड़े में यह खुशी देखते ही बन रही थी। उनका कहना है कि भारत के रीति रिवाज उन्हें बहुत भाए। इस पर हमने यहां शादी करने की ठानी और उसको पूरा किया। यहां के लोगों का जो प्यार उनके परिवार को मिला, वह बहुत अच्छा लगा।
रायबरेली के गांव में यादगार शादी, जर्मन जोड़े की शादी में बराती बने देशी-विदेशी लोग, तस्वीरें
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इस ऐतिहासिक शादी का गवाह रायबेरली जिले के अमावां ब्लॉक क्षेत्र का मुराइन का पुरवा मजरे अमावां गांव बना। मूलरूप से जर्मनी निवासी डब्ल्यू लेंजर वल्फ ग्यांग (57) और वहीं की रहने वाली एंड्रया वल्फ ग्यांग (44) करीब 05 साल एक साथ लिव-इन-रिलेशन में रह रहे थे। भारत में सैर सपाटे के लिए पर्यटक के रूप में आए इस जोड़े की मुलाकात दिल्ली में मौर्या टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी चलाने वाले रायबरेली जिले के मुराइन का पुरवा निवासी रामकेवल से हुई। जोड़ा जब भी भारत आता था, तब वह रामकेवल से ही किराए पर गाड़ियां लेता था। इसी दौरान रामकेवल से जोड़े के घनिष्ट संबंध बन गए। यही नहीं यह जोड़ा कई बार रायबरेली आकर रामकेवल के घर पर रुका। उसे यहां की मिट्टी और संस्कृति इस कदर भाई कि उन्होंने रामकेवल के घर पर ही शादी करने का फैसला ले लिया।
रामकेवल के घर पर गुरुवार की सुबह से ही जर्मनी जोड़े की शादी की तैयारियां शुरू हो गई। पंडाल लगना शुरू हो गया। नाते-रिश्तेदारों, ग्रामीणों के अलावा बाहरी लोगों का आना शुरू हो गया। भारतीय रीति रिवाज के तहत दूल्हा-दुल्हन की तरह दोनों को सजाया गया। पंडित बुलाया गया। भोजन की व्यवस्था कराई गई। शाम को बारात पहुंची। बारातियों व दूल्हे का जोरदार स्वागत किया गया। भारत रीति रिवाज के साथ द्वारपूजा की गई। जयमाल कार्यक्रम हुआ। पंडित ने मंत्रोच्चारण करके दोनों के सात फेरे कराए। इसी के साथ दोनों अधिकृत रूप से पति-पत्नी हो गए। इस दौरान लोग बैंडबाजे की धुन पर खूब थिरके। यही नहीं जोडे़ ने भी शादी के इस मौके पर डांस करके सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।
यहां की शादियों का तरीका पसंद
पत्नी एंड्रया वल्फ ग्यांग ने बताया कि मुझे यहां की शादियां करने का तरीका बहुत पसंद था। इसीलिए जब मैं आई तो मैंने अपनी शादी कराने को रामकेवल से कहा। रामकेवल ने दूल्हा व दुल्हन का जोड़ा गिफ्ट किया है और कहा कि जो भी वह कर सकता था वह कर रहा है।
तीन बच्चे बने दोनों की शादी के गवाह
जर्मनी के रहने वाले इस जोड़े के तीन बच्चे भी हैं, जो गुरुवार को अपने माता-पिता की शादी के गवाह बने। बच्चे बारात में शामिल हुए और बकायदा माता-पिता का सपोर्ट भी किया। बेटों का नाम ओलीवा, डेविड और बेटी एल्विन है। बताया जाता है कि यह तीनों बच्चे पत्नी एंड्रया वल्फ ग्यांग के पहले पति के हैं।
आई लव इंडिया
जोड़े में शादी को लेकर गजब का उत्साह दिखा। सुबह से ही यह जोड़ा अपनी शादी की तैयारियाें में जुटा रहा। डब्ल्यू लेंजर वल्फ ग्यांग और उनकी पत्नी एंड्रया वल्फ ग्यांग ने कहा कि हम 80 फीसदी भारतीय हैं। आईं लव इंडिया एंड इंडियन कल्चर, कहकर भारत के प्रति अपना भाव प्रकट किया।
15 साल की दोस्ती ने खिलाया ये गुल
पूरे मुराइन मजरे अमावां के रहने वाले रामकेवल को भी इतिहास के पन्नों में समेट लेगा। रामकेवल की 15 सालों की दोस्ती का नतीजा रहा कि जोड़े ने उन्हीं के घर में जाकर सात फेरे लिए। राम केवल मौर्य और उनके परिवार के लिए यह पल अहम रहा। रामकेवल की पत्नी किरन मौर्य का कहना है कि हमारे बच्चे अमन (17), आयुषी (11) भी बहुत खुश है। इतनी मस्ती तो हम लोगों ने अपने घर की शादी में नहीं की।