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लखनऊ के मेडिकल स्टोर पर एफएसडीए का छापा, बगैर पर्चे के बेच रहे थे ये दवाएं

Tue, 19 Jun 2018 01:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 19 Jun 2018 01:59 AM IST
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FSDA raid on nath pharma medical store in lucknow
- फोटो : डेमो
लखनऊ में कैसरबाग स्थित नाथ फार्मा में बिना डॉक्टर के पर्चे के नशीली दवाएं बेचने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने मेडिकल स्टोर पर ताला लगा दिया। मेडिकल स्टोर पर शिड्यूल एच की दवाएं बेची जा रही थीं।
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टीम का कहना है कि लोग इन दवाओं का इस्तेमाल नशे के रूप में किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान बड़े पैमाने पर शिड्यूल एच की दवाएं और इंजेक्शन मिले हैं।

जिलाधिकारी से शिकायत के बाद ड्रग इंस्पेक्टर रमा शंकर व माधुरी सिंह ने कैसरबाग स्थित नाथ फार्मा पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान कई लोग एविल इंजेक्शन खरीदने पहुंचे।
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इन लोगों के पास डॉक्टर का पर्चा नहीं था। टीम ने वहां पर पूछताछ शुरू  किया तो वहां नशीली दवाएं लेने आए युवक भाग खड़े हुए। टीम ने अंदर घुसने की कोशिश किया तो मेडिकल स्टोर संचालक ने रोकने की कोशिश की।
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नशेड़ी ले जाते हैं इंजेक्शन

FSDA raid on nath pharma medical store in lucknow

टीम ने मेडिकल स्टोर के खरीद-फरोख्त से जुड़े बिल तलब किए हैं। टीम ने दुकान बंद करा दी। ड्रग इंस्पेक्टर रमा शंकर ने बताया कि जवाब देने तक दुकान को बंद कराने संग बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

मामले की जांच की जा रही है। नशे को कई गुना बढ़ाने के लिए नशेड़ी एविल इंजेक्शन में स्मैक मिलाकर लेते हैं। एविल इंजेक्शन नशेड़ियों की पहली पसंद बनने से मरीजों को यह इंजेक्शन मेडिकल स्टोर से उपलब्ध होना बंद हो गए हैं।

मरीजों को तो डॉक्टर के लिखने के बाद भी यह इंजेक्शन मेडिकल पर उपलब्ध नहीं है। 11 रुपये में बिकने वाला एविल इंजेक्शन नशेड़ियों को 40 से 50 रुपये में आसानी से मिल जाता है, जिसे दुकानदार अधिक मुनाफा कमाने के लिए डॉक्टर के लिखे गए पर्चे पर मरीजों को नहीं देते हैं।

स्मैक के साथ एविल लेने से ज्यादा होता है नशा

FSDA raid on nath pharma medical store in lucknow
एविल इंजेक्शन को आग में गर्म किया जाता है। गर्म होने के बाद उसमें स्मैक पाउडर मिलाकर सीरिंज में भरकर नस में लगाया जाता है। गुनगुना इंजेक्शन नस में पहुंचते ही नशेड़ी बेसुध हो जाता है।

अमूमन स्मैक का नशा छह घंटे रहता है लेकिन एविल इंजेक्शन के साथ लगाने पर नशा 12 घंटे तक रहता है। बाजार में एविल इंजेक्शन नहीं मिलने पर उसके बदले डेक्सोना इंजेक्शन लगाया जा रहा है।
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