अगर आप बेफिक्र होकर व्हाट्सएप इस्तेमाल कर रहे हैं तो संभल जाइए। हो सकता है आप हैकरों के निशाने पर आ आएं। लखनऊ में ऐसे मामले आए हैं, जिसमें हैकर ने व्हाट्सएप हैक करने के बाद कॉन्टैक्ट लिस्ट के नंबरों पर उसी के मित्रों व परिजनों से पैसों की मांग की है। पैसे पेटीएम और फोन पे पर मांगे जा रहे हैं। साइबर क्राइम इन मामलों की जांच कर रहा है।
एडीजी साइबर क्राइम राम कुमार के मुताबिक हैकिंग तभी संभव है, जब वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) साझा किया गया है या आपका वर्चुअल नंबर खरीद कर व्हाट्सएप एक्टिवेट किया गया हो। उन्होंने बताया कि ओटीपी के जरिए व्हाट्सएप हैक करने के मामले पहले भी आ चुके हैं, लेकिन ओटीपी के व्हाट्सएप हैक होने का मामला पहली बार संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जा रही है। कुमार ने बताया कि कोरोना वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठगी की जा रही है। साइबर ठग आपसे आधार संख्या और ओटीपी लेकर आपके बैंक अकाउंट तक पहुंच कर उसे खाली कर रहे हैं।
स्टाप पेमेंट के नाम पर खाते से उड़ा दिए 20 हजार रुपये
गोमतीनगर के रहने वाले नावेद रिजवी ने बताया कि रविवार को उनके मोबाइल फोन पर कॉल आया कि मैं बैंक से बोल रहा हूं। आपके खाते में सवा लाख रुपये की एक चेक लगाई गई है। इसका पेमेंट क्लीयर करना है। इस पर रिजवी ने कहा कि उसने कोई चेक नहीं लगाया है।
इस पर कॉल करने वाले ने कहा, क्या आप स्टाप पेमेंट कराना चाहते हैं। अगर हां तो एक मैसेज के जरिये स्टाप पेमेंट करा सकते हैं। इसके लिए ओटीपी बताना होगा। रिजवी ने जैसे ही ओटीपी बताया, उसके खाते से 20 हजार रुपये निकल गए। साइबर क्राइम इस मामले की जांच कर रहा है।
कोल्ड का रखें ध्यान, कभी नहीं होंगे ठगी के शिकार
एडीजी साइबर क्राइम कहते हैं, अगर आप सीओएलडी यानी कोल्ड का ध्यान रखेंगे तो कभी ठगी के शिकार नहीं होंगे। सी का मतलब कार्ड (क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड) की डिटेल और ओ यानी ओटीपी किसी से साझा न करें। इसी तरह एल यानी लिंक इसका मतलब है कि किसी अनजान लिंक को क्लिक न करें। डी का मतलब डाउनलोड करने से पहले चेक करें। जो इस मंत्र को ध्यान में रखते हैं, वे ठगी के शिकार नहीं हो सकते हैं।