{"_id":"5bb2e7b6867a554f12538a51","slug":"first-make-in-india-train-18-will-run-without-engine","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"देश की पहली मेक इन इंडिया 'ट्रेन 18' तैयार, बिना इंजन के ही दौड़ेगी तेज रफ्तार, ये भी हैं खासियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश की पहली मेक इन इंडिया 'ट्रेन 18' तैयार, बिना इंजन के ही दौड़ेगी तेज रफ्तार, ये भी हैं खासियत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 02 Oct 2018 09:06 AM IST
विज्ञापन
train 18
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की पहली मेक इन इंडिया 'ट्रेन 18' बनकर तैयार है। अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) जल्द ही बिना इंजन वाली इस ट्रेन का ट्रायल करेगा। यह काम 80 दिनों में पूरा होगा। इसके लिए दो अधिकारी चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) जाएंगे। यह जानकारी आरडीएसओ के नवनियुक्त महानिदेशक वीरेंद्र कुमार ने दी। वह आरडीएसओ में स्वच्छता पखवाड़े को लेकर मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे।
train 18
- फोटो : amar ujala
कुमार ने कहा कि 16 बोगियों वाली यह ट्रेन सेल्फ प्रोपल्सन सिस्टम से चलेगी। बोगियों के नीचे ट्रैक्शन मोटर लगी होगी। यह ट्रेन आईसीएफ से 15 अक्तूबर तक निकलेगी। इस ट्रेन को सबसे पहले दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस की जगह चलाया जाएगा। इससे पहले ट्रेन 18 का ट्रायल दो रूटों पर किया जाएगा। मुरादाबाद से सहारनपुर रूट पर इस ट्रेन का ट्रायल 115 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया जाएगा। जबकि आगरा से बीना के बीच इस ट्रेन की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा रखी जाएगी।
train 18
- फोटो : amar ujala
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है ट्रेन
ट्रेन 18 अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। पूरी तरह से वातानुकूलित इस ट्रेन को एग्जीक्यूटिव व नॉन एग्जीक्यूटिव क्लास में बांटा गया है। एग्जीक्यूटिव क्लास की कुर्सियों को ट्रेन के चलने की दिशा में घुमाया जा सकता है। तो लोको पायलट को बैठने के लिए एयरोडायनेमिक नोज बनाया गया है। इसके अतिरिक्त ट्रेन में वाई-फाई, जीपीएस पैसेंजर इंफोटेनमेंट सिस्टम, आटोमेटिक डोर, एलईडी लाइटें, दिव्यांगों के लिए प्लेटफॉर्म की ओर खुलने वाला रैंप, सीसीटीवी, यात्रियों के लिए इमरजेंसी टॉकबैक यूनिट, यूरोपियन स्टाइल की सीटें, मॉड्यूलर टायलेट, पैंट्रीकार आदि सुविधाएं हैं।
ट्रेन 18 अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। पूरी तरह से वातानुकूलित इस ट्रेन को एग्जीक्यूटिव व नॉन एग्जीक्यूटिव क्लास में बांटा गया है। एग्जीक्यूटिव क्लास की कुर्सियों को ट्रेन के चलने की दिशा में घुमाया जा सकता है। तो लोको पायलट को बैठने के लिए एयरोडायनेमिक नोज बनाया गया है। इसके अतिरिक्त ट्रेन में वाई-फाई, जीपीएस पैसेंजर इंफोटेनमेंट सिस्टम, आटोमेटिक डोर, एलईडी लाइटें, दिव्यांगों के लिए प्लेटफॉर्म की ओर खुलने वाला रैंप, सीसीटीवी, यात्रियों के लिए इमरजेंसी टॉकबैक यूनिट, यूरोपियन स्टाइल की सीटें, मॉड्यूलर टायलेट, पैंट्रीकार आदि सुविधाएं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
train 18
- फोटो : amar ujala
ट्रेन 18 की रफ्तार मेट्रो से दोगुनी
आरडीएसओ के मुताबिक ट्रेन 18 मेट्रो की तरह होते हुए भी कई मायनों में उससे अलग है। मसलन, मेट्रो की अधिकतम रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे तक होती है। जबकि ट्रेन 18 की अधिकतम रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा है। इसमें टॉयलेट से लेकर पैंट्रीकार तक की व्यवस्था है।
आरडीएसओ के मुताबिक ट्रेन 18 मेट्रो की तरह होते हुए भी कई मायनों में उससे अलग है। मसलन, मेट्रो की अधिकतम रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे तक होती है। जबकि ट्रेन 18 की अधिकतम रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा है। इसमें टॉयलेट से लेकर पैंट्रीकार तक की व्यवस्था है।
विज्ञापन
train 18
- फोटो : amar ujala
कुछ खास
- एयरोडायनेमिक नोज में लोको पायलट को बैठने की सुविधा
- एग्जीक्यूटिव क्लास की कुर्सियों को ट्रेन के चलने की दिशा में घुमा सकेंगे यात्री
- एयरोडायनेमिक नोज में लोको पायलट को बैठने की सुविधा
- एग्जीक्यूटिव क्लास की कुर्सियों को ट्रेन के चलने की दिशा में घुमा सकेंगे यात्री