किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के पैथोलॉजी विभाग के बेसमेंट में शुक्रवार दोपहर करीब सवा एक बजे आग लग गई। बेसमेंट में रखा फर्नीचर धूं-धूं कर जलने लगा। बिजली के उपकरणों व इनवर्टर की पुरानी बैटरियों में हुए धमाकों से पूरा कैंपस दहल उठा।
विभाग में मौजूद डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ के साथ खून की जांच कराने व रिपोर्ट लेने पहुंचे मरीजों ने किसी तरह बाहर भागकर अपनी जान बचाई। करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों और 20 से ज्यादा दमकलकर्मियों ने चार बजे आग पर काबू पाया।
बेसमेंट में धुआं भरा होने से फायर फाइटर्स को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी से सैकड़ों ब्लड सैंपल खराब हो गए तो कुछ मरीजों के सैंपल और फॉर्म इधर-उधर हो गए। आग के चलते पैथोलॉजी विभाग की बिजली बंद करनी पड़ी।
वहीं पूरे कैंपस में पानी भरा रहा। इससे बायोकेमिस्ट्री व हिमेटोलॉजी विभाग का काम भी ठप हो गया। देर रात तक साफ-सफाई और मेंटेनेंस चलता रहा। हालांकि, शाम पांच बजे तक केजीएमयू का कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके का जायजा लेने नहीं पहुंचा था।
खिड़कियों के शीशे तोड़कर निकाला धुआं
आग लगने के बाद पैथोलॉजी के बेसमेंट से लेकर पहले और दूसरे तल पर धुआं भर गया। धुएं से अंदर देखना मुश्किल हो गया। धुआं निकालने के लिए बेसमेंट की सीढ़ियों पर लगी खिड़कियों के साथ पहले तल की गैलरी और कमरों में लगे शीशों को तोड़ा गया। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि धुआं भरने से जांच की मशीनें भी प्रभावित हुईं होंगी।