पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से विकास को पंख लगेंगे। एक्सप्रेस-वे के बनने से जिले में रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्वरोजगार स्थापित करने वाले लोग एक्सप्रेस-वे से अपना सामान देश की राजधानी दिल्ली, प्रदेश की राजधानी लखनऊ व बिहार तक कम समय में पहुंच सकेंगे। करीब 341 किमी. लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण होने से राजधानी लखनऊ से पूरब दिशा में गाजीपुर होते हुए बिहार से जिला जुड़ गया है। पश्चिम में लखनऊ के साथ ही आगरा व यमुना एक्सप्रेस-वे होते हुए जिला देश की राजधानी दिल्ली से भी जुड़ गया। इसके बीच के सभी जनपदों से भी जिले का संपर्क हो गया है। ऐसी स्थिति में अब जिले में विभिन्न प्रकार का स्वरोजगार स्थापित करने वाले लोग अपना सामान दिल्ली, बिहार व प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य जिलों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। एक्सप्रेस-वे के किनारे सरकार की ओर से औद्योगिक गलियारा स्थापित किए जाने की घोषणा से विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। औद्योगिक गलियारा विकसित होने से एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोल पंप, होटल समेत अन्य व्यावसायिक केंद्र स्थापित होने की संभावना बढ़ गई है। इससे भी लोगों को रोजगार व स्वरोजगार का लाभ मिल सकेगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे लोग दुकान बनाकर भी व्यवसाय कर सकेंगे। खासकर 13 सर्विस रोड पर इसके अवसर ज्यादा मिलेंगे। ऊंचाई से एक्सप्रेस-वे गुजरने की वजह से इस पर दुर्घटना की आशंका भी कम रहेगी। लोग जिले से करीब डेढ़ घंटे में लखनऊ तक का सफर पूरा कर सकेंगे।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से विकास को लगेंगे पंख : जिले के किसानों से ली गई 1345 हेक्टेयर भूमि, एक्सप्रेस-वे का सुल्तानपुर में सर्वाधिक हिस्सा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 16 Nov 2021 08:13 PM IST
सार
प्रदेश की योगी सरकार ने इतने लंबे सिक्सलेन मार्ग का कार्य 36 माह में पूरा करवाया है। 341 किमी. लंबा मार्ग सिर्फ 36 महीने में तब पूरा हुआ जब 19 माह देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा था। इस दौरान कई परियोजनाओं तक के कार्य बंद करा दिए गए थे।
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