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डिफेंस एक्सपो: पुलवामा जैसा हादसा दोबारा न हो, इसलिए बना रहे आर्म्ड गाड़ियां, यूपी में बनेंगी तोप
Wed, 05 Feb 2020 10:45 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 05 Feb 2020 10:45 AM IST
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defence expo 2020
- फोटो : अमर उजाला
पुलवामा जैसा हादसा दोबारा न हो, इसके लिए निजी क्षेत्र की कंपनी भारत फोर्ज आर्म्ड गाड़ियां बना रही है। इन गाड़ियों पर 50 किलोग्राम तक टीएनटी विस्फोटक के धमाके का भी असर नहीं होगा। इस आर्म्ड वाहन कल्याणी एम-4 को डिफेंस एक्सपो में कंपनी प्रदर्शित कर रही है। कल्याणी समूह के चेयरमैन बाला कल्याणी ने बताया कि यह आर्म्ड वाहन 4 व्हील ड्राइव है।
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defence expo 2020
- फोटो : अमर उजाला
अभी तक यह सबसे अधिक विस्फोटक का असर सहने वाला वाहन है। हमारी कोशिश है कि पुलवामा की तरह हमारे जवान दोबारा इस तरह के विस्फोट की वजह से शहीद न हों। इस वाहन का प्रोटोटाइप तैयार है जिसके टेस्ट चल रहे हैं। डिफेंस एक्सपो में इसके अलावा 6 व्हील ड्राइव मानव रहित वाहन (यूजीवी) ई-कार भी प्रदर्शित किया जा रहा है। यह भविष्य में जमीन, समुद्र और हवा सभी जगह युद्धक्षेत्र को बदल देंगे। यह वाहन मिशन की योजना बनाने से लेकर थ्रेट एनालिसिस, कोलिजन एवाइडेंस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीक से लैस है। आर्मर्ड ट्रूप कैरियर कल्याणी मैवरिक भी माइन प्रोटेक्शन, आईईडी बम से सुरक्षित है।
defence expo 2020
- फोटो : अमर उजाला
यूपी में तलाश रहे तोप बनाने की संभावनाएं
बाला कल्याणी ने बताया कि कम वजन की आर्टिलरी (तोप) बनाने में हमारी कंपनी ने प्रमुख भूमिका निभाई है। टाइटेनियम की बनी 155मिमी-39 कैलीबर की बहुत हल्की होवित्जर, स्टील की बनी 155 मिमी-52 कैलीबर की होवित्जर भी कंपनी ने बनाई है। 2020 में मई, जून में यह आर्टिलरी ट्रायल के लिए तैयार हो जाएंगी।
बाला कल्याणी ने बताया कि कम वजन की आर्टिलरी (तोप) बनाने में हमारी कंपनी ने प्रमुख भूमिका निभाई है। टाइटेनियम की बनी 155मिमी-39 कैलीबर की बहुत हल्की होवित्जर, स्टील की बनी 155 मिमी-52 कैलीबर की होवित्जर भी कंपनी ने बनाई है। 2020 में मई, जून में यह आर्टिलरी ट्रायल के लिए तैयार हो जाएंगी।
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डिफेंस एक्सपो
- फोटो : अमर उजाला
2030 तक आर्टिलरी में शीर्ष पर होगा भारत
बाला कल्याणी का कहना है कि अमेरिकी सेना में अभी तक आर्टिलरी में कोई भारतीय कंपनी सप्लाई चेन में शामिल नहीं है। हम कोशिश में है कि इस सप्लाई चेन में शामिल हो पाएं। वहीं 2030 तक भारत को आर्टिलरी में शीर्ष पर ले जाने की योजना है। 2025 तक डिफेंस हार्डवेयर की आपूर्ति के लिए शीर्ष निर्यातक हम होंगे।
बाला कल्याणी का कहना है कि अमेरिकी सेना में अभी तक आर्टिलरी में कोई भारतीय कंपनी सप्लाई चेन में शामिल नहीं है। हम कोशिश में है कि इस सप्लाई चेन में शामिल हो पाएं। वहीं 2030 तक भारत को आर्टिलरी में शीर्ष पर ले जाने की योजना है। 2025 तक डिफेंस हार्डवेयर की आपूर्ति के लिए शीर्ष निर्यातक हम होंगे।
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डिफेंस एक्सपो
- फोटो : अमर उजाला
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस भी सेना में बने उपयोगी
बाला कल्याणी ने बताया कि सात स्टार्ट अप के मेंटर के रूप में हम काम कर रहे हैं। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी तकनीक का उपयोग कर नेवीगेशन सिस्टम आदि बनाए जा रहे हैं। इन कंपनियों पर हमारे समूह ने 8200 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। इनसे जल्दी ही बेहतर उत्पाद मिलने की संभावना है।
बाला कल्याणी ने बताया कि सात स्टार्ट अप के मेंटर के रूप में हम काम कर रहे हैं। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी तकनीक का उपयोग कर नेवीगेशन सिस्टम आदि बनाए जा रहे हैं। इन कंपनियों पर हमारे समूह ने 8200 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। इनसे जल्दी ही बेहतर उत्पाद मिलने की संभावना है।