राजधानी लखनऊ सहित पांच शहरों में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाने के हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी मिलते ही सोमवार शाम राजधानी वासी आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए दुकानों में उमड़ पड़े। लोगों की भारी भीड़ के चलते दुकानों पर करीब दो-तीन घंटे अफरा-तफरी मची रही। हालांकि, बाद में जब लोगों को पता चला कि सरकार ने लॉकडाउन लगाने से इनकार कर दिया है तो उन्होंने राहत की सांस ली।
हाईकोर्ट प्रयागराज ने सोमवार को जारी आदेश में कहा कि लखनऊ सहित वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर नगर और गोरखपुर में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इससे नियंत्रित करने के लिए पांचों जिलों में 19 अप्रैल से 26 अप्रैल तक संपूर्ण लॉकडाउन लगा दिया। शाम को जैसे ही सोशल मीडिया पर यह आदेश वायरल हुआ, बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। देखते ही देखते सभी प्रमुख बाजार में भारी संख्या में लोग जरूरत का सामान खरीदने पहुंच गए।
सब्जियों की कमी, दामों में उछाल
लॉकडाउन की सूचना से सब्जी मंडियों में भी भारी भीड़ पहुंच गई। नरही, पत्रकारपुरम, विभूतिखंड के रेलवे क्रॉसिंग के पास चिनहट तिराहा सब्जी मंडी इंदिरा नगर, मुंशीपुलिया, बी ब्लॉक, भूतनाथ आदि में लोगों की भीड़ से सब्जियां खत्म होने लगीं तो दुकानदारों ने इनके दाम बढ़ा दिए। इसके बाद परवल 80 की जगह 120 रुपये किलो, आलू 20 की जगह 30, प्याज 50, लौकी 35, तरोई 60 व टमाटर 30 रुपये किलो बेचा गया।
शराब की दुकानों पर लगी लाइन
उधर, शराब की दुकानों पर भी लाइन लग गई। लोग हफ्ते 10 दिन का हिसाब जुटाने में लग गए। हजरतगंज, महानगर, पॉलीटेक्निक, मुंशीपुलिया, चिनहट, टेढ़ी पुलिया, अलीगंज, कपूरथला, कृष्णानगर, आलमबाग सभी जगह शराब की दुकानों पर लाइन लग गई। इस पर कई दुकानदारों ने मनमाना रेट वसूला। यही हाल पान मसाला, सिगरेट की दुकानों पर रहा। पांच रुपये का पानमसाला दोगुने दामों पर बेचा गया।
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लॉकडाउन
- फोटो : amar ujala
सामान समेट घर के लिए निकल पड़े प्रवासी
राजधानी में रह रहे दूसरे जिलों के लोग इस डर से सामान समेट कर घर के लिए निकल पड़े कि कहीं फिर लॉकडाउन में न फंस जाएं। इससे शाम करीब छह बजे से राजधानी के बस अड्डों व प्रमुख चौराहों पर इनकी भीड़ जमा हो गई। चौराहों पर पहुंचने इन्हें टेंपो, ट्रैवलर, ट्रक, निजी बस, कार, बोलेरो जो भी साधन मिला उस पर बैठकर रवाना हो गए। पॉलिटेक्निक पर रात 9:00 बजे तक भीड़ लगी रही। यही हाल आलमबाग, कैसरबाग और कमता बस अड्डे पर रहा। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस के जवान भी जूझ रहे थे।