अजीत सिंह हत्याकांड में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद से जौनपुर का पूर्व सांसद धनंजय सिंह अंडरग्राउंड है। पुलिस उसकी तलाश में लखनऊ-जौनपुर के ठिकानों पर दबिश दे रही है। उधर, पूर्व सांसद के सभी करीबियों ने मोबाइल बंद कर लिया है। अब सोमवार को एसटीएफ की भी एक टीम तलाश में जुट गई। वहीं, फरार शूटरों की तलाश में भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
अजीत सिंह की हत्या के मामले में मोहर सिंह ने केस दर्ज कराया था। इसमें आजमगढ़ जेल में बंद ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू और अखंड पर आरोप लगा था। मोहर सिंह ने शूटर गिरधारी को पहचान लिया था। 14 फरवरी की रात असलहा बरामद कराने के दौरान मुठभेड़ में पुलिस ने गिरधारी को मार गिराया।
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एसयूवी में बरामद पिस्तौल।
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जांच में पता चला कि गिरधारी के अलावा पांच शूटरों रवि यादव, मुस्तफा उर्फ बंटी, शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर, राजेश तोमर और संदीप सिंह बाबा के साथ गैंगवार को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि चार शूटरों की तलाश की जा रही है।
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अजीत सिंह व पूर्व सांसद धनंजय सिंह।
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गिरधारी ने कस्टडी रिमांड में कुबूला कि अजीत की हत्या में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शनिवार को पुलिस ने पूर्व सांसद के खिलाफ सीजेएम सुशील कुमारी की कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी कराया। इसके बाद से वह अंडरग्राउंड है। विभूतिखंड पुलिस लखनऊ, जौनपुर, वाराणसी सहित पूर्वांचल के कई जिलों में दबिश दे रही है, पर उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
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पूर्व सांसद धनन्जय सिंह
- फोटो : अमर उजाला।
पुलिस ने धनंजय पर शिकंजा कसने के लिए उसके करीबियों के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया था। इसकी भनक लगते ही सभी ने मोबाइल बंद कर लिया है। पुलिस ने अब पूर्व सांसद के करीबियों के घरों के आस-पास टीमें लगाना शुरू कर दिया है। उधर, सूत्रों की मानें तो धनंजय सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी पुराने मामले में समर्पण करने की तैयारी भी कर रहा है। पूर्व सांसद के वकील गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए कोर्ट की शरण में जाने की तैयारी कर चुके हैं।