लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर कसमंडा अपार्टमेंट के बाहर पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव उर्फ विभू की हत्या में इस्तेमाल दो अवैध पिस्तौल पुलिस ने बरामद कर ली।
रेस्टोरेंट में छिपाई गई थी विधायक के बेटे की हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल,पुलिस ने ऐसे किया बरामद
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इंस्पेक्टर आनंद शाही ने बताया कि वैभव तिवारी को विक्रम सिंह ने अवैध पिस्तौल से गोली मारी थी। मौके से भागते वक्त वैभव के सहयोगी आदित्य को डराने व दहशत फैलाने के लिए सूरज ने हवाई फायरिंग भी की थी। इसके बाद दोनों सीधे गोमतीनगर विस्तार में जनेश्वर मिश्र पार्क के पास सूरज के निर्माणाधीन बंजारा रेस्टोरेंट पहुंचे और किचन के पीछे बने स्टोर रूम में दोनों पिस्तौल छिपा दीं। दोनों ने पिस्तौल गोल मेज पर रखने के बाद ईंट से ढक दी थी। करीब दो दर्जन ईंट हटाने के बाद दोनों पिस्तौल मिलीं। पिस्तौल में तीन कारतूस भी मिले। पुलिस ने दोनों से पिस्तौल की पहचान भी कराई।
इसके बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया। जहां से कोर्ट में पेश कर दोनों को जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर के मुताबिक, अब दोनों के खिलाफ अवैध असलहा इस्तेमाल करने की धारा में अलग से केस दर्ज किया जाएगा। इससे पहले पुलिस ने बृहस्पतिवार को कानपुर के घाटमपुर के हमीरपुर रोड स्थित प्रियंका ढाबा से सफारी कार बरामद की थी।
रिमांड की अवधि खत्म करने की थी साजिश
विक्रम व सूरज ने रिमांड की अवधि खत्म करने की साजिश रची थी। रिमांड के पहले दिन विक्रम ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या के बाद पिस्तौल गोमती में फेंक दी थी। पहला दिन पुलिस टीम 1090 चौराहे से लेकर समता मूलक तक गोमती खंगालती रही, लेकिन पिस्तौल नहीं मिली। इसके बाद सफारी बरामदगी के लिए पुलिस की एक टीम रवाना की गई। बृहस्पतिवार देर रात गाड़ी पुलिस के हाथ लग गई। इसके बाद सख्ती होते ही सूरज ने पिस्तौल छिपाने की जगह का पता बताया।
यह था मामला
सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज निवासी व लखनऊ में कसमंडा हाउस अपार्टमेंट में रहने वाले पूर्व भाजपा विधायक प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी (30) की शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वैभव डुमरियागंज के दमुआपुर गांव का प्रधान था। रात करीब नौ बजे उसके पुराने परिचित सूरज शुक्ला ने फोन कर उसे मिलने के लिए बुलाया था। कसमंडा हाउस के बाहर ही दोनों की मुलाकात हुई।