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वैलेंटाइन स्पेशल: इन कपल्स ने बताया कैसे अंजाम तक पहुंचा उनका रिश्ता, बोले- प्यार तो होना ही था
Thu, 14 Feb 2019 03:16 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 14 Feb 2019 03:16 PM IST
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वैलेंटाइन डे
- फोटो : amar ujala
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जान-पहचान, मुलाकात, दोस्ती और फिर प्यार...ये सिलसिला सिर्फ लव मैरिज में ही नहीं चलता है, सच तो यह है कि शादी के बाद भी प्यार से पहले दोस्ती ही होती है। हमने वैलेंटाइन डे से एक दिन पहले लखनऊ के कुछ लोगों को टटोला तो उन्होंने अपने प्यार के ऐसे किस्से सुनाएं, जिन्हें बताते वक्त वह खुद इमोशनल हो जाते हैं...
वैलेंटाइन डे
- फोटो : amar ujala
जब पापा के टेस्ट में पास हो गए पति
विष्णु के साथ मेरी लव मैरिज है। हमें लग रहा था कि हमारी शादी में कोई अड़चन नहीं है, लेकिन अपने पापा को लेकर मैं निश्चित नहीं थी। बहरहाल एक दिन पापा के पास गई और विष्णु से शादी के बारे में बात की। उन्होंने साफ कह दिया कि पहले उसे मुझे अकेले में मिलना होगा। अकेले का मतलब कि मैं और सिर्फ विष्णु। मैं घबरा गई। विष्णु पापा से मिलने आए। परीक्षा उनकी चल रही थी और घबराई मैं थी। खुशी की बात यह थी कि नतीजा हमारे हक में आया। पापा को वह बहुत पसंद आए। हम वर्ष 2017 में एक-दूसरे के हो गए।
- पति विष्णु, असिस्टेंड प्रोफेसर के साथ तनु उपाध्याय, पीपीएस
विष्णु के साथ मेरी लव मैरिज है। हमें लग रहा था कि हमारी शादी में कोई अड़चन नहीं है, लेकिन अपने पापा को लेकर मैं निश्चित नहीं थी। बहरहाल एक दिन पापा के पास गई और विष्णु से शादी के बारे में बात की। उन्होंने साफ कह दिया कि पहले उसे मुझे अकेले में मिलना होगा। अकेले का मतलब कि मैं और सिर्फ विष्णु। मैं घबरा गई। विष्णु पापा से मिलने आए। परीक्षा उनकी चल रही थी और घबराई मैं थी। खुशी की बात यह थी कि नतीजा हमारे हक में आया। पापा को वह बहुत पसंद आए। हम वर्ष 2017 में एक-दूसरे के हो गए।
- पति विष्णु, असिस्टेंड प्रोफेसर के साथ तनु उपाध्याय, पीपीएस
वैलेंटाइन डे
- फोटो : amar ujala
जब पत्नी ने कहा- मरेंगे तो साथ और जीएंगे तो साथ
वर्ष 2015 की बात है। अभी शादी को एक साल हुए थे। हम थिएटर में मूवी देख रहे थे, तभी भूकंप आ गया। हम दोनों थिएटर से बाहर आ गए। मैंने पत्नी से बोला मैं बेसमेंट से बाइक निकालकर लाता हूं, लेकिन पत्नी ने मेरा हाथ पकड़ लिया, बोली- अकेले नहीं जाने दूंगी। मैंने कहा मैं दौड़कर आ जाऊंगा। उसने कहा, अब मरेंगे तो साथ और जीएंगे तो साथ। वह मेरे साथ ही बेसमेंट में गई। वहां पहुंचकर मैं भूल गया कि बाइक कहां खड़ी की थी। पत्नी को याद थी कि बाइक कहां खड़ी है। हम दोनों बाइक पर बैठकर भाग निकले। उस घटना को जब भी याद करता हूं, इमोशनल हो जाता हूं।
- पत्नी अलका, लेक्चरर व बेटे के साथ प्रभाकर राय, सीए
वर्ष 2015 की बात है। अभी शादी को एक साल हुए थे। हम थिएटर में मूवी देख रहे थे, तभी भूकंप आ गया। हम दोनों थिएटर से बाहर आ गए। मैंने पत्नी से बोला मैं बेसमेंट से बाइक निकालकर लाता हूं, लेकिन पत्नी ने मेरा हाथ पकड़ लिया, बोली- अकेले नहीं जाने दूंगी। मैंने कहा मैं दौड़कर आ जाऊंगा। उसने कहा, अब मरेंगे तो साथ और जीएंगे तो साथ। वह मेरे साथ ही बेसमेंट में गई। वहां पहुंचकर मैं भूल गया कि बाइक कहां खड़ी की थी। पत्नी को याद थी कि बाइक कहां खड़ी है। हम दोनों बाइक पर बैठकर भाग निकले। उस घटना को जब भी याद करता हूं, इमोशनल हो जाता हूं।
- पत्नी अलका, लेक्चरर व बेटे के साथ प्रभाकर राय, सीए
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मैं लकी हूं, मुझे एकता मिली
मैं और एकता इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद ट्रेनिंग के दौरान एक-दूसरे से मिले। एकता बहुत संवेदनशील थी। वह छोटे से छोटे मानवीय मुद्दों को लेकर गंभीर दिखती थी। माता-पिता की सेवा की संवेदनशीलता ने मुझे आकर्षित किया। मुझे लगा कि, जिसमें परिवार और अभिभावकों के लिए इतनी संवेदनशील है उससे अच्छा लाइफ पार्टनर नहीं हो सकता। मैंने प्रपोज किया और एकता ने स्वीकार कर लिया। धीरे-धीरे बात परिवार तक पहुंची और दो साल पहले हम दोनों ने शादी कर ली। एकता जॉब के साथ ही पूरे परिवार को मुझसे ज्यादा वक्त देती है। कह सकता हूं कि मैं सबसे लकी इंसान हूं।
- पत्नी एकता जैन के साथ रोहित वर्मा, इंजीनियर, एचसीएल
मैं और एकता इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद ट्रेनिंग के दौरान एक-दूसरे से मिले। एकता बहुत संवेदनशील थी। वह छोटे से छोटे मानवीय मुद्दों को लेकर गंभीर दिखती थी। माता-पिता की सेवा की संवेदनशीलता ने मुझे आकर्षित किया। मुझे लगा कि, जिसमें परिवार और अभिभावकों के लिए इतनी संवेदनशील है उससे अच्छा लाइफ पार्टनर नहीं हो सकता। मैंने प्रपोज किया और एकता ने स्वीकार कर लिया। धीरे-धीरे बात परिवार तक पहुंची और दो साल पहले हम दोनों ने शादी कर ली। एकता जॉब के साथ ही पूरे परिवार को मुझसे ज्यादा वक्त देती है। कह सकता हूं कि मैं सबसे लकी इंसान हूं।
- पत्नी एकता जैन के साथ रोहित वर्मा, इंजीनियर, एचसीएल
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- फोटो : amar ujala
आखिरकार अंगूठी ढूंढकर अन्वी को अपना बना लिया
हमारी दोस्ती प्यार से रिश्ते में बदल गई। हमने एक-दूसरे को अंगूठी पहना दी। एक बार की बात है कि ट्रेवल करते वक्त अन्वी की अंगूठी रास्ते में गिर गई। मैंने उसे घर भेजकर अंगूठी ढूंढनी शुरू कर दी। बहुत देर तक प्रयास करने के बाद भी अंगूठी नहीं दिखी। वहां नाला था, ढेर सारी पत्तियां गिरी हुई थीं। मैंने ठान लिया था कि अगर मैं अन्वी से सच्चा प्यार करता हूं तो अंगूठी जरूर मिलेगी। एक-एक पत्ता उठाकर देखने लगा। एक पत्ते के नीचे अंगूठी गिरी पड़ी थी। मैं खुशी से झूम उठा। मैंने एक बार फिर से अंगूठी पहनाकर उन्हें अपना बना लिया।
- पत्नी अन्वी कालिया, फैशन इंफ्यूएंसर के साथ मानस त्रिपाठी, एक रेस्टोरेंट्स ग्रुप के फाउंडर
हमारी दोस्ती प्यार से रिश्ते में बदल गई। हमने एक-दूसरे को अंगूठी पहना दी। एक बार की बात है कि ट्रेवल करते वक्त अन्वी की अंगूठी रास्ते में गिर गई। मैंने उसे घर भेजकर अंगूठी ढूंढनी शुरू कर दी। बहुत देर तक प्रयास करने के बाद भी अंगूठी नहीं दिखी। वहां नाला था, ढेर सारी पत्तियां गिरी हुई थीं। मैंने ठान लिया था कि अगर मैं अन्वी से सच्चा प्यार करता हूं तो अंगूठी जरूर मिलेगी। एक-एक पत्ता उठाकर देखने लगा। एक पत्ते के नीचे अंगूठी गिरी पड़ी थी। मैं खुशी से झूम उठा। मैंने एक बार फिर से अंगूठी पहनाकर उन्हें अपना बना लिया।
- पत्नी अन्वी कालिया, फैशन इंफ्यूएंसर के साथ मानस त्रिपाठी, एक रेस्टोरेंट्स ग्रुप के फाउंडर