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मल्टी ब्रांड रेडीमेड शोरूम की हालत खस्ता, बिक रहे रोजाना इस्तेमाल वाले कपड़े
Thu, 25 Jun 2020 03:59 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 25 Jun 2020 03:59 PM IST
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- फोटो : amar ujala
लखनऊ के रेडीमेड शोरूम की रौनक वापस नहीं लौट पा रही है। मल्टी ब्रांड रेडीमेड शोरूम की हालत खस्ता है, जबकि अनब्रांडेड रेडीमेड शोरूम का कारोबार बेहतर चलने लगा है। हालांकि यहां भी फैंसी के बजाय रोजमर्रा पहने जाने वाले रेडीमेड कपड़े ही बिक रहे हैं। इससे रेडीमेड कारोबार अभी 50 फीसदी तक ही पटरी पर लौटा है। कारोबारियों ने बताया कि राजधानी में ब्रांडेड व अनब्रांडेड कपड़ों के लगभग 4000 शोरूम हैं, जिनमें लॉकडाउन से पहले सामान्य दिनों में ढाई करोड़ रुपये रोज सेल हो रही थी। जो इस वक्त 50 फीसदी यानी 1.25 करोड़ ही हो रही है।
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राकेश छावड़ा
- फोटो : amar ujala
रेडीमेड का होलसेल कारोबार चौपट
बाजार खुलने के बाद हफ्ते भर रेडीमेड के होलसेल का बहुत बढ़िया कारोबार हुआ, क्योंकि शहरी और कस्बे के रिटेलर्स की दुकानों में रेडीमेड बिक चुका था। ऐसे में रिटेलर्स ने खूब खरीदारी की पर अब होलसेलर्स के शोरूम में सन्नाटा हो गया। इससे कारोबार चौपट है। - राकेश छाबड़ा पम्मी, अध्यक्ष लखनऊ रेडीमेड एसोसिएशन
बाजार खुलने के बाद हफ्ते भर रेडीमेड के होलसेल का बहुत बढ़िया कारोबार हुआ, क्योंकि शहरी और कस्बे के रिटेलर्स की दुकानों में रेडीमेड बिक चुका था। ऐसे में रिटेलर्स ने खूब खरीदारी की पर अब होलसेलर्स के शोरूम में सन्नाटा हो गया। इससे कारोबार चौपट है। - राकेश छाबड़ा पम्मी, अध्यक्ष लखनऊ रेडीमेड एसोसिएशन
मनजीत सिंह
- फोटो : amar ujala
रेडीमेड की वैरायटी नहीं
रेडीमेड के ग्राहक तो खूब आ रहे हैं पर उनके लिए शोरूम में वैरायटी नहीं है। लुधियाना आदि जगहों से रेडीमेड की सर्वाधिक आवक प्रभावित होने के कारण शोरूम में माल की शॉर्टेज हो गई। रेडीमेड की सप्लाई करने के ऑर्डर दिए गए, लेकिन कंपनियों ने भी हाथ खड़े कर दिए कि उनके पास माल का स्टॉक नहीं है। वजह रेडीमेड तैयार करने वाले कारीगरों का अभाव हो गया है। - मनजीत सिंह, कारोबारी चारबाग
रेडीमेड के ग्राहक तो खूब आ रहे हैं पर उनके लिए शोरूम में वैरायटी नहीं है। लुधियाना आदि जगहों से रेडीमेड की सर्वाधिक आवक प्रभावित होने के कारण शोरूम में माल की शॉर्टेज हो गई। रेडीमेड की सप्लाई करने के ऑर्डर दिए गए, लेकिन कंपनियों ने भी हाथ खड़े कर दिए कि उनके पास माल का स्टॉक नहीं है। वजह रेडीमेड तैयार करने वाले कारीगरों का अभाव हो गया है। - मनजीत सिंह, कारोबारी चारबाग
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अतुल राजपाल
- फोटो : amar ujala
नहीं बिक रही ब्रांडेड महंगी जींस
मध्यम श्रेणी रेट के मल्टी ब्रांड रेडीमेड कपड़े बिक रहे हैं। ब्रांडेड महंगी जींस और ट्राउजर के खरीदार नहीं हैं। फिर भी ग्राहकों के आने से रेडीमेड कारोबार धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। यदि कोरोना मरीज घटने लगें तो रेडीमेड कारोबार पटरी की पर आ जाएगा। अभी तो कारोबार आधा है।- अतुल राजपाल, कारोबारी गोमती नगर
मध्यम श्रेणी रेट के मल्टी ब्रांड रेडीमेड कपड़े बिक रहे हैं। ब्रांडेड महंगी जींस और ट्राउजर के खरीदार नहीं हैं। फिर भी ग्राहकों के आने से रेडीमेड कारोबार धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। यदि कोरोना मरीज घटने लगें तो रेडीमेड कारोबार पटरी की पर आ जाएगा। अभी तो कारोबार आधा है।- अतुल राजपाल, कारोबारी गोमती नगर
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सोनिका साहनी
- फोटो : amar ujala
अपना तो जम गया कारोबार
इस वक्त अंडर गारमेंट्स का कारोबार बहुत अच्छा चल रहा है। लेडीस और जेंट्स अंडर गारमेंट्स के साथ ही गमछा, तौलिया, लुंगी, कॉटन के दुपट्टे और साड़ियों की मैचिंग के कपड़े पेटीकोट आदि खूब बिक रहे हैं। लॉकडाउन से पहले जितने ग्राहक रोजाना दस्तक देते थे, उनमें से 95 फीसदी ग्राहकों का आवागमन होने लगा। - सोनिका साहनी, कारोबारी डालीगंज
इस वक्त अंडर गारमेंट्स का कारोबार बहुत अच्छा चल रहा है। लेडीस और जेंट्स अंडर गारमेंट्स के साथ ही गमछा, तौलिया, लुंगी, कॉटन के दुपट्टे और साड़ियों की मैचिंग के कपड़े पेटीकोट आदि खूब बिक रहे हैं। लॉकडाउन से पहले जितने ग्राहक रोजाना दस्तक देते थे, उनमें से 95 फीसदी ग्राहकों का आवागमन होने लगा। - सोनिका साहनी, कारोबारी डालीगंज