कुशीनगर हादसे में 13 बच्चों की मौत से चारों ओर चीख-पुकार मची है। घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक लोगों का मजमा लगा है।
सीएम योगी के मौके पर पहुंचते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों ग्रामीणों ने नारेबाजी और प्रदर्शन कर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई और मानवरहित रेलवे फाटक पर गेट मैन के तैनाती की भी मांग की।
अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने के बाद सीएम ने लोगों को ढांढस बंधाया, उन्हें कार्रवाई का आश्वासन भी दिया लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा थम नहीं रहा।
सीएम ने कहा कि प्रथम जानकारी में ये पता चला है कि वैन के ड्राइवर ने ईयरफोन लगा रखा था लेकिन फिर भी मामले की गहनता से जांच की जाएगी और जो भी दोषी सामने आएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे की लापरवाही का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि हादसे के चार घंटे बाद रेवले का चिकित्सा कोच मौके पर पहुंचा।