डिफेंस एक्सपो के दौरान लखनऊ को पांच दिन तक अपने पराक्रम से गर्व के अविस्मरणीय पल देने वाले टैंक, मिसाइलों व अन्य सैन्य उपकरणों की सोमवार से विदाई शुरू हो गई। वृंदावन सेक्टर-15 स्थित एक्सपो स्थल पर दिनभर इनकी पैकिंग में सेना के जवान व्यस्त रहे। उधर, सोमवार को भी कई लोग इस उम्मीद से एक्सपो स्थल पहुंचे कि शायद इन हथियारों की एक झलक देखने को मिल जाए। हालांकि, सुरक्षा कारणों से इन लोगों की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।
Defence expo: यादगार पल देने वाले रक्षा उपकरणों की विदाई शुरू, रात में ही वापस ले जाने की ये है वजह
एक्सपो से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सैन्य उपकरणों, टैंकों, हथियारों, मिसाइलों, बीएमपी आदि की पैकिंग व ट्रक में लोडिंग का काम कर इन्हें रात में वापस ले जाते हैं। रात में ट्रैफिक कम रहता है और सुरक्षा के नजरिए से भी यह बेहतर होता है। सारा सामान वापस ले जाने में हफ्ते भर से अधिक समय लगने की संभावना है।
बेस पर लौटे लड़ाकू जहाज व हेलीकॉप्टर
एक्सपो में एयरफोर्स की ओर से तेजस, सुखोई सू-30, जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के साथ-साथ मालवाहक विमान ग्लोबमास्टर, सूर्यकिरण की एरोबेटिक टीम, एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर, ध्रुव आदि लाए गए थे। इसमें लड़ाकू जहाज अपने-अपने बेस पर लौट गए हैं। अधिकतर विमानों को बख्शी का तालाब एयरबेस ले जाया गया।
एक्सपो स्थल पर एयरफोर्स की ओर से मिग-21 बाइसन को स्टेटिक डिस्प्ले के लिए लगाया गया था। इस विमान को सड़क मार्ग से लाया गया था। अब जब एक्सपो को गया है तो इसे अलग-अलग टुकड़ों में पैक कर सड़क के रास्ते ही वापस एयरफोर्स स्टेशन तक ले जाया जाएगा। मतलब गली से विमान को निकाला जाएगा।
एक्सपो की सुरक्षा बेहद पुख्ता थी। कंट्रोल रूम बना सीआईएसएफ की पल-पल की गतिविधियों पर नजर थी। अधिकारियों ने बताया कि वृंदावन सेक्टर-15 एक्सपो स्थल पर 48 खुफिया कैमरे लगे थे। इनमें आठ गेटों पर आने-जाने वालों की निगरानी को तीन-तीन कैमरे लगे थे। वहीं परिसर में कुल 24 कैमरे थे।