परिवहन निगम के ड्राइवर एवं कंडक्टर ने बृहस्पतिवार को पांच रुपये किराया न देने पर यात्री को लोहे की राड से पीटकर अधमरा कर दिया। यात्री के खून से लथपथ होने पर राहगीरों ने हस्तक्षेप किया तो ड्राइवर व कंडक्टर बस वहां से हटे। लोगों ने 100 नंबर पर सूचना दी तो पुलिस ने पहुंचकर बेहोशी की हालत में यात्री को अस्पताल में भर्ती कराया।
ड्राइवर-कंडक्टर ने यात्री को रॉड से पीटकर किया अधमरा, आधे घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा बेहोश
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लखनऊ उपनगरीय डिपो की बस (यूपी 33 टी 8640) लखनऊ-कानपुर-गोंडा के बीच चलती है। बृहस्पतिवार को यह बस लखनऊ से चलकर गोंडा जा रही थी। इसमें एक यात्री से कंडक्टर अनुज कुमार पांडेय का किराये को लेकर विवाद हो गया। इस पर कंडक्टर ने यात्री को लोहिया पथ के पास बस से उतार दिया तो वह ईंट लेकर लेकर दौड़ा। यह देख कंडक्टर व ड्राइवर राकेश कुमार मौर्य बस से उतरे और लोहे की रॉड से उस पर हमला कर दिया।
हमले में सिर फट जाने से युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। इसके बाद राहगीरों ने पुलिस कंट्रोल रूम व एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। इस बाबत डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक काशी प्रसाद ने कहा कि ड्राइवर कंडक्टर के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज होने की सूचना मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आधे घंटे तक सड़क पर बेहोश पड़ा रहा
राहगीरों के मुताबिक पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देने के आधे घंटे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच एंबुलेंस तो पहुंच गई थी, लेकिन चालक बिना पुलिसकर्मियों के घायल को इलाज के लिए ले जाने को तैयार नहीं हुआ। इंस्पेक्टर हजरतगंज राधा रमण सिंह के पहुंचने पर एंबुलेंस चालक घायल को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचा।
प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह के मुताबिक घायल के इलाज के दौरान पुलिस ने चालक व परिचालक को पकड़े रखा था। जब घायल को होश आया तो दोनों पक्षों ने पुलिस चौकी में आपस में समझौता कर लिया। इसके बाद चालक व परिचालक को छोड़ दिया गया और वह बस लेकर चले गए।