हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी नगर निगम लखनऊ को सांडों के आतंक से मुक्ति नहीं दिला पा रहा है। वहीं, दूसरी ओर छुट्टा घूम रहे सांड जिंदगी ले रहे हैं। बृहस्पतिवर रात को तालकटोरा और इटौंजा में सांड केहमले में मोहित (18) और सुजीत कुमार (28) व रामचंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इन्हें पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां मोहित और सुजीत की मौत हो गई, जबकि रामचंद्र का इलाज चल रहा है।
लखनऊः नहीं थम रहा सांडों का आतंक, छात्र समेत दो की जान ली, सात दिन बाद था जन्मदिन
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प्रभारी निरीक्षक तालकटोरा धनंजय सिंह के मुताबिक, जलालपुर निवासी वीरपाल ठेकेदारी करते हैं। उनका बेटा मोहित बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे वह बाइक से बाजारखाला की ओर जा रहा था। इस बीच तालकटोरा फ्लाईओवर के नीचे सामने से एक सांड ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे मोहित गिर गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब तक वह उठता सांड ने उसे उठाकर दो बार पटक दिया। खून से लथपथ मोहित की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े और लाठियां पटककर सांड़ को भगाया। साथ ही पुलिस को सूचना दी। पुलिस घायल को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मोहित को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उसके पास से मिले मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। इस पर मोहित का भाई शोभित और अन्य परिजन पहुंचे।
हादसे से लोगों में नाराजगी
हादसे को लेकर फ्लाईओवर के आसपास रहने वाले लोगों में काफी आक्रोश था। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में छुट्टा पशुओं का आतंक है। रात भर ये सड़क पर घूमते रहते हैं। ऐसे में लोग घर से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। कई बार नगर निगम और जिला प्रशासन में शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
इटौंजा के महोना-कुम्हरावां रोड पर परसहिया गांव के सामने बृहस्पतिवार रात सांड के हमले में सुजीत व रामचंद्र घायल हो गए थे। पुलिस ने दोनों को बीकेटी के रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। देर रात इलाज के दौरान सुजीत की मौत हो गई। प्रभारी निरीक्षक इटौंजा महेश चंद्र के मुताबिक सुजीत हुसैनाबाद की काशी बिहार कॉलोनी का रहने वाला है। उसके परिवार में पत्नी आशा व तीन बच्चे हैं।