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रिहायशी इलाके में दो घंटे धधकती रही फैक्टरी, खतरे में थी कर्मचारियों की जान, तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:22 PM IST
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फैक्ट्री में लगी आग को काबू में करने को मशक्कत हुई
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के मड़ियांव थानाक्षेत्र में पल्टन छावनी स्थित ब्रेड फैक्ट्री में शुक्रवार सुबह डीजल टैंक फटने से आग लग गई। इसमें चार कर्मचारी झुलस गए। फैक्ट्री अवैध तरीके से रिहायशी इलाके में चलाई जा रही थी। इसके मालिक की लापरवाही से आग फैल गई। फैक्ट्री की छत और खिड़कियों से तेज लपटें, धुआं निकलता देख आसपास का इलाका दहशत में आ गया। दमकल को आग बुझाने में दो घंटे लग गए। वहीं, अग्निकांड से फैक्ट्री के सामने स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चे दहशत में आ गए।
फैक्ट्री में लगी आग
- फोटो : amar ujala
पल्टन छावनी रेलवे क्रॉसिंग के पास गौरी फूड्स फैक्ट्री में ब्रेड बनाई जाती है। मालिक भूपेन्द्र अग्रवाल फैक्ट्री के एक हिस्से में मकान बनवाकर रहते हैं। सुबह करीब नौ बजे ब्रेड बनाने के दौरान अचानक तेज धमाके के साथ डीजल टैंक फट गया। कर्मचारी कुछ समझ पाते इसके पहले आग की लपटें निकलने लगीं। यह देख वे भागकर बाहर निकले और शोर मचाना शुरू किया। धमाके और फैक्ट्री से लपटें व धुआं निकलता देख आसपास के लोग भी जुट गए। अंदर कर्मचारी बाल्टी से आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान चार कर्मचारी झुलस गए।
फैक्ट्री में लगी आग
- फोटो : amar ujala
क्षेत्राधिकारी अलीगंज दीपक कुमार सिंह के मुताबिक फैक्टरी में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं लगा मिला। हालात ऐसे थे कि कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने को बाल्टी से पानी डाल रहे थे। फायर फाइटिंग सिस्टम के बारे में पूछताछ पर फैक्ट्री मालिक टालमटोल करने लगा।
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फैक्ट्री में लगी आग
- फोटो : amar ujala
50 मिनट बाद दी पुलिस, फायर कंट्रोल रूम को सूचना
स्थानीय लोगों के मुताबिक फैक्ट्री में आग लगने पर मालिक और कर्मचारियों ने इसकी सूचना न तो पुलिस और न ही फायर कंट्रोल रूम को दी। वे अपने स्तर से आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे, लेकिन जब इस दौरान चार कर्मचारी झुलस गए तब पुलिस व फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। तब तक हादसे के 50 मिनट गुजर चुके थे। इससे आग फैक्ट्री के अंदरूनी हिस्से तक पहुंच चुकी थी। पुलिस ने आग बुझा रहे कर्मचारियों को फैक्ट्री से निकाला। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद दमकल की चार गाड़ियां आग पर काबू पा सकीं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक फैक्ट्री में आग लगने पर मालिक और कर्मचारियों ने इसकी सूचना न तो पुलिस और न ही फायर कंट्रोल रूम को दी। वे अपने स्तर से आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे, लेकिन जब इस दौरान चार कर्मचारी झुलस गए तब पुलिस व फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। तब तक हादसे के 50 मिनट गुजर चुके थे। इससे आग फैक्ट्री के अंदरूनी हिस्से तक पहुंच चुकी थी। पुलिस ने आग बुझा रहे कर्मचारियों को फैक्ट्री से निकाला। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद दमकल की चार गाड़ियां आग पर काबू पा सकीं।
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फैक्ट्री में लगी आग
- फोटो : amar ujala
धुएं से कॉलोनी के लोगों का घुटने लगा दम
फैक्ट्री से निकल रहे काले धुएं से आसपास की कॉलोनियों में रहने वालों का दम घुटने लगा। लोग घरों से निकलकर खुले में आने लगे। फैक्ट्री के आसपास का करीब दो सौ मीटर का इलाका धुएं से ढक गया। कुछ लोगों ने आग से बचाव के इंतजाम को लेकर आपत्ति की तो फैक्ट्री मालिक के करीबियों से उनकी कहासुनी भी हो गई। पार्षद रुपाली गुप्ता ने रामराम बैंक चौकी इंचार्ज दलवीर सिंह को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दरोगा व पार्षद टीम के साथ फैक्ट्री पहुंचे। इसी बीच लपटें तेज हो गई थीं।
फैक्ट्री से निकल रहे काले धुएं से आसपास की कॉलोनियों में रहने वालों का दम घुटने लगा। लोग घरों से निकलकर खुले में आने लगे। फैक्ट्री के आसपास का करीब दो सौ मीटर का इलाका धुएं से ढक गया। कुछ लोगों ने आग से बचाव के इंतजाम को लेकर आपत्ति की तो फैक्ट्री मालिक के करीबियों से उनकी कहासुनी भी हो गई। पार्षद रुपाली गुप्ता ने रामराम बैंक चौकी इंचार्ज दलवीर सिंह को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दरोगा व पार्षद टीम के साथ फैक्ट्री पहुंचे। इसी बीच लपटें तेज हो गई थीं।