{"_id":"60850c2a9ec6d223ba0d1c7c","slug":"big-number-of-dead-bodies-are-cremated-in-lucknow","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लखनऊ: डरा रही कतार में चलती चिताओं की रोशनी, देर रात तक आते हैं शव, कम नहीं हो रहा अंत्येष्टि का आंकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ: डरा रही कतार में चलती चिताओं की रोशनी, देर रात तक आते हैं शव, कम नहीं हो रहा अंत्येष्टि का आंकड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 25 Apr 2021 03:14 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
श्मशान में कतार में जलती चिताएं।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
श्मशान स्थलों पर शवों के पहुंचने का आंकड़ा कम नहीं हो रहा। शुक्रवार शाम सात बजे तक शहर के दो प्रमुख अंतिम संस्कार के स्थलों पर 293 शव पहुंचे। अभी तक सामान्य शवों के मुकाबले संक्रमित शव कम रहते थे, लेकिन शुक्रवार को इनकी तादाद सामान्य शवों से 20 फीसदी ज्यादा रही। राजधानी में आसपास के शहरों से भी आने वाले शव यह आंकड़ा बढ़ा रहे हैं।
2 of 5
- फोटो : amar ujala
शहर के दो प्रमुख अंतिम संस्कार स्थलों बैकुंठधाम और गुलालाघाट पर शुक्रवार शाम सात बजे तक लाए गए 293 शवों में 170 शव कोरोना संक्रमित माने जा रहे हैं, जबकि 123 सामान्य हैं। पिछले एक सप्ताह में यह पहला मौका है जब संक्रमित शवों का आंकड़ा अचानक सामान्य शवों से बढ़ गया। अभी तक सामान्य शवों की संख्या करीब 60 फीसदी व संक्रमित की 40 फीसदी के करीब रहती थी। शुक्रवार को यह आंकड़ा उलट गया।
3 of 5
- फोटो : amar ujala
शवों की बढ़ती तादाद से बैकुंठधाम के दाएं व बाएं दोनों ओर नदी तट पर उन जगहों पर भी चिताएं जल रही हैं, जहां पहले कभी अंतिम संस्कार नहीं किया गया। शवों के आने का सिलसिला देर रात तक चलता है। बैकुंठधाम के एक ओर गोमती बैराज पुल व दूसरी ओर निशातगंज व सामने प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन वाली सड़क है। यहां से गुजरने वालों को चिताओं की कतारें डरा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
- फोटो : amar ujala
टोकन समाप्त हुआ पर संख्या नहीं
अंतिम संस्कार के लिए घर वालों को अधिक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए नगर निगम ने अतिरिक्त स्थल बनाए हैं। इंतजार का समय घटने से अब टोकन सिस्टम भी अब नहीं है। गाड़ियों को अंतिम संस्कार स्थल तक ले जाने के लिए सड़क भी बनवाई गई है।
विज्ञापन
5 of 5
- फोटो : amar ujala
दवा और फलों का वितरण
गुलाला घाट पर शवों का अंतिम संस्कार कराने में लगे सफाई व लकड़ी ठेकी वाले कर्मचारियों को गुलाला घाट स्मारक समिति के अध्यक्ष हरीश चंद्र अग्रवाल और मंत्री रिद्धि किशोर गौड़ ने नियमित रूप से फल और दवाओं का वितरण करने का संकल्प लिया है। शुक्रवार को कर्मचारियों को विटामिन सी, जिंक, पैरासिटामॉल, ग्लूकॉन डी के साथ फलों का वितरण शुरू किया गया है। ऐसा आगे भी करते रहेंगे।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।