पुलिस की लाठी से नहीं, आजम ने कुछ ऐसा कहा कि मान गए हुड़दंगी
लखनऊ महोत्सव में मुशायरे में हो रही देर से कुछ शौकीन खफा हो गए। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को लाठी पटकनी पड़ी। वहीं आजम खां ने कुछ ऐसा कहा कि काम बन गया।
पुलिस की लाठी से नहीं, आजम ने कुछ ऐसा कहा कि मान गए हुड़दंगी
लखनऊ महोत्सव में शुक्रवार को मुशायरा के शुरू होने से पहले ही पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी। मुशायरा में हो रही देरी के कारण युवाओं की भीड़ अनियंत्रित हो गई और भाषण के दौरान हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस की लाठी से नहीं, आजम ने कुछ ऐसा कहा कि मान गए हुड़दंगी
आजम खान तथा नवाब देवबंदी को बार-बार भीड़ को समझाना पड़ रहा था, लेकिन जैसे ही मुशायरा आरम्भ हुआ हंगामा बढ़ गया। इस दौरान काफी लोगों ने वीआईपी दीर्घा के पीछे बनी बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी, जिस पर पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी।
पुलिस की लाठी से नहीं, आजम ने कुछ ऐसा कहा कि मान गए हुड़दंगी
इसी दौरान भीड़ ने प्रशासनिक अधिकारियों को घेर लिया और मुशायरे का विरोध शुरू कर दिया, लेकिन बाद में उन्हें किसी प्रकार समझा दिया गया, इसमें आजम खां की नसीहत बड़ी काम आई। एक बार मुशायरा आरम्भ हो जाने पर देर रात तक चलता रहा।
पुलिस की लाठी से नहीं, आजम ने कुछ ऐसा कहा कि मान गए हुड़दंगी
मुशायरे के शुरू होने से पहले दर्शक दीर्घा से युवाओं के हूटिंग करने पर अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मो. आजम खां खासे नाराज हो गए। उन्होंने युवाओं को कड़े शब्दों में नसीहत दी कि ‘...आपके सिरों पर जो टोपी रखी है वह आपकी पहचान है... लेकिन उस पर आपके व्यवहार से कोई दाग न लग जाए।