फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शिक्षक भर्ती परीक्षा का मूल्यांकन करने वाली फर्म ने भी किया भारी घपला, ऐसे हुआ खुलासा

Sat, 06 Oct 2018 12:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 06 Oct 2018 12:02 PM IST
विज्ञापन
anarchy of evaluation firm in teachers appointment
Assistant teachers
68, 500 सहायक अध्यापक भर्ती लिखित परीक्षा-2018 में उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करने वाली फर्म मैंनेजमेंट कंट्रोल सिस्टम प्रा. लिमिटेड ने भारी गड़बड़ियां की हैं। यह खुलासा गन्ना विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय आर भूसरेड्डी की जांच रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के बाद इस फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। 
anarchy of evaluation firm in teachers appointment
फाइल फोटो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने आवास पर मामले की जांच रिपोर्ट और स्क्रूटनी की समीक्षा की। दरअसल, भूसरेड्डी की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में लखनऊ विधानसभा स्थित फर्म पर भारी लापरवाही और उसकी मिलीभगत को उजागर किया। साथ ही सभी अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका की स्क्रूटनी के साथ उनका पुनर्मूल्यांकन कराने का सुझाव दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन कराने का अवसर देने के निर्देश दिए।
anarchy of evaluation firm in teachers appointment
डेमो - फोटो : डेमो
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने बताया कि सभी एक लाख 7 हजार 873 से अधिक अभ्यर्थी उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्यांकन के लिए 11 से 20 अक्टूबर के बीच आवेदन कर सकेंगे। पुनर्मूल्यांकन निशुल्क किया जाएगा, पुनर्मूल्यांकन के परिणाम में अभ्यर्थी मेरिट में शामिल हुए तो उन्हें सहायक अध्यापक पद पर नौकरी दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
anarchy of evaluation firm in teachers appointment
डेमो - फोटो : डेमो
जांच कमेटी ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार जितेन्द्र सिंह नेगी और डिप्टी रजिस्ट्रार प्रेमचंद्र कुशवाह को जिम्मेदार ठहराया है। अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने बताया कि सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में अनियमितता के मामले में परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार जितेन्द्र सिंह नेगी और डिप्टी रजिस्ट्रार प्रेमचंद्र कुशवाह को निलंबित किया गया है। 
विज्ञापन
anarchy of evaluation firm in teachers appointment
फाइल फोटो
उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद लखनऊ के 7 कर्मचारियों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। पर्यवेक्षण कार्य में लापरवाही पर एससीइआरटी के सात अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed