माहवारी बीमारी नहीं है, यह किसी काम में बाधक भी नहीं और न ही इस दौरान महिलाएं व बेटियां अशुद्घ होती हैं। यह तो भगवान का दिया वह उपहार है जो सिर्फ नारी शक्ति को मिला है। इससे हम परिवार या समाज के निर्माण में सहयोग करते हैं। बेटियां असहज न हो, बे झिझक इस पर बात करें। यह कहना है अभिनेत्री पूजा गौर का। वह शनिवार को इस मुद्दे पर बेटियों व उनकी माताओं से बाराबंकी में सीधे संवाद कर रही थीं।
मौका था व्हिस्पर चॉइस और अमर उजाला की ओर से जीआईसी ऑडिटोरियम में सपनों की उड़ान कार्यक्रम का। जहां महीनों के उन दिनों से जुड़ी परेशानियों और भ्रांतियों से बेटियों के साथ साथ उनकी माताओं को भी जागरुक किया गया। पूजा गौर ने अपने जीवन से जुड़ी उन दिनों की कुछ बाते शेयर की। कहा कि पहले मैं भी इस मामले में काफी परेशान रहती थी। फिर पीरियड के समय शूटिंग और एक्सरसाइज में अब कोई दिक्कत नहीं होती है।
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सपनों की उड़ान
- फोटो : amar ujala
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सांसद प्रियंका सिंह रावत ने कहा कि मैं भी कभी बेटी थी। जानकारी न होने से उन दिनों में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मां से जानकारी मिली और फिर वो दिन भी सामान्य लगने लगे। बेटियों से जीवन में कभी हार न मानने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि बेटियां निर्भीक होकर अपने सपनों की उड़ान भरें।
उन्होंने अमर उजाला के इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कार्यक्रम में मौजूद मां और बेटियों से पैडमैन फिल्म देखकर उस पर अमल करने की अपील की। कार्यक्रम में पहुंची समाजसेवी कृति सिंह ने बेटियों में उत्साह भरते हुए कहा कि मुश्किल के दिनों को खास बनाएं। कपड़े की जगह पैड का इस्तेमाल करें।
इस मौके पर सांसद प्रियंका सिंह रावत, समाजसेवी कृति सिंह, गाइकोलॉजिस्ट डॉ. विजय लक्ष्मी वर्मा, व्यायाम शिक्षिका रीतू पाठक व शिवानी शुक्ला मौजूद रहीं।