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अमौसी एयरपोर्ट पर हवाई जहाज से पक्षियों के टकराने की सामने आई ये वजह, पढ़ें यहां
ज्ञान सक्सेना/नीरज अम्बुज,अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 14 Jul 2018 04:32 PM IST
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रनवे के पास फेंका गया खाना
- फोटो : amarujala
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रनवे पर पक्षियों के मंडराने के लिए खुद एयरपोर्ट प्रबंधन जिम्मेदार है। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की रिपोर्ट तो यही कहती है। रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट कैंटीन से निकला खाना खुलेआम रनवे के पास विमान पत्तन प्राधिकरण के स्वामित्व वाली जमीन पर फेंका जा रहा है। यह सब एयरपोर्ट प्रबंधन की शिथिलता के चलते हो रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रनवे से चिन्हित दूरी पर संचालित मीट दुकानों से ज्यादा पक्षियों का जमावड़ा खुले में फेंकी जा रहे अंडे व अन्य खाद्य सामग्री पर लगता है। रनवे के समीप होने के कारण ये पक्षी हवाई जहाज के उड़ान भरने व उतरने के दौरान विमान से टकाराकर कभी भी यात्रियों की जान आफत में डाल सकते हैं।
- फोटो : डेमो
सीएम की नाराजगी के बाद कराई गई मामले की जांच
बीते दिनों चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दिल्ली से लखनऊ आ रही गो एयर की फ्लाइट से एक पक्षी टकरा गया था। विमान क्षतिग्रस्त होने से 94 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया और जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट के आसपास प्रतिबंधित दायरे में पक्षियों को आकर्षित करने वाली खाद्य सामग्री व मीट की दुकानों पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश दिया था। इसी के बाद जिलाधिकारी ने एफएसडीए टीम से जांच करने को कहा था।
बीते दिनों चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दिल्ली से लखनऊ आ रही गो एयर की फ्लाइट से एक पक्षी टकरा गया था। विमान क्षतिग्रस्त होने से 94 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया और जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट के आसपास प्रतिबंधित दायरे में पक्षियों को आकर्षित करने वाली खाद्य सामग्री व मीट की दुकानों पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश दिया था। इसी के बाद जिलाधिकारी ने एफएसडीए टीम से जांच करने को कहा था।
फेंका गया खाना
- फोटो : amarujala
जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सरोजनीनगर, नगर निगम व एफएसडीए की संयुक्त टीम ने एयरपोर्ट के आसपास से खान पान सामग्री व मांस की दुकानों को हटाने के खिलाफ अभियान चलाया। 30 से अधिक छोटी-ड़ी दुकानों का संचालन भी बंद कराया था। अभियान के दौरान टीम ने पाया कि अमौसी एयरपोर्ट की कानपुर रोड के दूसरी ओर खाली पड़ी जमीन पर कैटीन का खराब खाना फेंका जा रहा है। फेंके गए सड़े-गले अंडों पर पक्षियों का झुंड मंडराता दिखा।
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रनवे के पास फेंका गया खाना
- फोटो : amar ujala
...पर अब तक तो अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ते रहे जिम्मेदार
एयरपोर्ट प्रशासन से जुड़े जिम्मेदारों ने अपनी खामी छिपाते हुए रनवे के आस पास पक्षियों के मंडराने का ठीकरा दूसरे विभागों पर थोप बचने की कोशिश की थी। एयरपोर्ट प्रशासन के स्वामित्व में आने वाली इस खाली जमीन पर कचरा निस्तारण की जिम्मेदारी भी एयरपोर्ट प्रबंधन की है। कैंटीन के फेंके जा रहे कचरे के समीप ही हवाई अड्डा प्राधिकरण के स्वामित्व की जमीन का बोर्ड भी लगा है।
फेंकी गई खाद्य सामग्री से जुटते हैं चील-कौआ
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, बरेली के पक्षी विशेषज्ञ काजलदास गुप्ता ने बताया कि अव्वल तो मानसून में जैकोबिन कैकू माइग्रेट करती है और स्थानीय पक्षियों बया वीवर, गौरैया, बुलबुल, मैना, जंगली मैना, बैंक मैना सहित पैराकीट्स बर्ड मानसून में घोंसला बनाने के लिए मंडराते हैं। खाने का सामान बिखरा मिलने पर एकत्र होने लगते हैं। इतना ही नहीं अंडे-मांस वगैरह की ओर चील आकर्षित होती हैं और विमानों के लिए खतरा बनती है।
एयरपोर्ट प्रशासन से जुड़े जिम्मेदारों ने अपनी खामी छिपाते हुए रनवे के आस पास पक्षियों के मंडराने का ठीकरा दूसरे विभागों पर थोप बचने की कोशिश की थी। एयरपोर्ट प्रशासन के स्वामित्व में आने वाली इस खाली जमीन पर कचरा निस्तारण की जिम्मेदारी भी एयरपोर्ट प्रबंधन की है। कैंटीन के फेंके जा रहे कचरे के समीप ही हवाई अड्डा प्राधिकरण के स्वामित्व की जमीन का बोर्ड भी लगा है।
फेंकी गई खाद्य सामग्री से जुटते हैं चील-कौआ
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, बरेली के पक्षी विशेषज्ञ काजलदास गुप्ता ने बताया कि अव्वल तो मानसून में जैकोबिन कैकू माइग्रेट करती है और स्थानीय पक्षियों बया वीवर, गौरैया, बुलबुल, मैना, जंगली मैना, बैंक मैना सहित पैराकीट्स बर्ड मानसून में घोंसला बनाने के लिए मंडराते हैं। खाने का सामान बिखरा मिलने पर एकत्र होने लगते हैं। इतना ही नहीं अंडे-मांस वगैरह की ओर चील आकर्षित होती हैं और विमानों के लिए खतरा बनती है।
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- फोटो : डेमो
बढ़ता गया खतरा, पायलटों को सर्तकता बरतने का निर्देश
एक ओर एयरपोर्ट प्रशासन की लापरवाही से पक्षियों का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए सभी एयरलाइंस ने अपने पायलटों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ ही नहीं, दिल्ली, जयपुर, पटना, मुम्बई की फ्लाइट के पायलट लैंडिंग व टेकऑफ के दौरान विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। उन्हें पक्षियों की जानकारी भी दी जा रही है।
एक ओर एयरपोर्ट प्रशासन की लापरवाही से पक्षियों का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए सभी एयरलाइंस ने अपने पायलटों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ ही नहीं, दिल्ली, जयपुर, पटना, मुम्बई की फ्लाइट के पायलट लैंडिंग व टेकऑफ के दौरान विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। उन्हें पक्षियों की जानकारी भी दी जा रही है।