स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के सरकारी दावों की पोल फिर खुल गई जब कई बार फोन मिलाने के बावजूद गर्भवती को एम्बुलेंस नहीं मिली। एक घंटे तक एम्बुलेंस की राह देखने के बाद परिवारीजन उसे ई-रिक्शा से अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में प्रसव हो गया। वहीं, रिक्शा से स्ट्रेचर पर रखते वक्त बच्चा स्टेचर पर गिर गया लेकिन अस्पताल में सही इलाज से अब जच्चा-बच्चा दोनों ठीक हैं।
स्ट्रेचर पर रखते समय गिरा नवजात बच्चा, कॉल करने पर भी नहीं आई एंबुलेंस, रिक्शे पर ही हो गई डिलीवरी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 15 Dec 2017 07:36 PM IST
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