कोरोना महामारी के बीच अच्छी खबरों की शुरुआत हो चुकी है। लॉक हुई इंडस्ट्री धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी है। वेडिंग इंडस्ट्री से ऐसी ही अच्छी खबर मिली है। अभी कुछ दिनों तक एकदम खाली बैठे वेडिंग प्लानर बुकिंग का ओवरलोड बताकर, सुरक्षा और सेहत को प्राथमिकता देते हुए चुने हुए प्रोजेक्ट ही हाथ में ले रहे हैं। हालांकि उनकी मांग है कि शादी समारोह में शामिल होने वालों की संख्या 250 तक की जाए, क्योंकि कम संख्या के कारण बजट में कमी करनी पड़ी है। जिन्होंने गर्मियों की शादियां जाड़े में शिफ्ट की हैं, वे 100 लोगों से संतुष्ट तो हैं, लेकिन वेडिंग प्लानर कहते हैं कि उन्होंने बुकिंग को नवरात्र तक के लिए होल्ड कराया है। इस बीच समारोह में शामिल होने वालों की संख्या बढ़ाने की सरकार अनुमति देती है तो वे बुकिंग उसी तरीके से करवाएंगे। यह सुखद संकेत है कि शादी करने और करवाने वाले दोनों ही आयोजन में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर बेहद सतर्क हैं। वहीं इस इंडस्ट्री में ये नई शुरुआत उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जिन्होंने साल भर पहले ही अपना काम शुरू किया था और लॉकडाउन ने उनके सपनों को लॉक कर दिया था। लोग अब खुले स्थान पर शादी पसंद नहीं कर रहे हैं। बदलते वेडिंग प्लान, वेडिंग इंडस्ट्री में उल्लास को लेकर एक रिपोर्ट।
वेडिंग इंडस्ट्री ने पकड़ी रफ्तार, अब न ऑर्केस्ट्रा न ही सेलेब्रिटी की डिमांड, रद्द हो रहा रिसेप्शन का प्लान
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बजट-बुकिंग तो कम है, लेकिन निराशा के बादल छंटे
वेडिंग प्लानर अंकुर गर्ग कहते हैं कि निराशा के बादल छंट गए हैं। पैकेज में 25-30 फीसदी की गिरावट आई है, लेकिन जो समय चल रहा है, उसके हिसाब से बुकिंग ओवरलोड है। बजट इस तरह से कम हुआ है कि मेहमानों की संख्या कम हुई तो निश्चित तौर पर जो चीजें हम लोग सात या आठ लाख में देते थे, अब पांच या छह लाख में दे रहे हैं। रही बजट की बात तो बेटी या बेटे की शादी से कोई माता-पिता समझौता नहीं कर रहे हैं। क्लाइंट का कहना है कि जो पैसा हमने बच्चों के लिए रखा है, वो तो उन पर ही खर्च करेंगे।
ऋषभ राज व रश्मि वर्मा बताती हैं कि हमने पिछले साल ही वेडिंग प्लानर इंडस्ट्री में कदम रखा था और 2020 की शुरुआत में ही लॉकडाउन लग गया। हमने तो उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन जाड़े की शादियों के लिए हमने तैयारी शुरू की तो क्लाइंट की अच्छी संख्या मिली। हां, बजट में कमी आई है, क्योंकि शादी समारोह में संख्या कम होने का असर और सेहत को लेकर लोगों के डर का असर तो पड़ा है।
मैचिंग के मास्क, सैनिटाइजेशन टनल से बढ़ाएंगे क्रिएटिविटी
कोरोना काल में सैनिटाइजेशन डेस्क, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग इनकी व्यवस्था के बाद ही कोई बुकिंग आगे बढ़ती है। वहीं डिजाइनर व मैचिंग के मास्क, सैनिटाइजेशन डेस्क, सैनिटाइजेशन टनल से आयोजन की क्रिएटिविटी बढ़ाने पर जोर है। इसके अलावा सामान सर्व करने को लेकर भी आयोजक सतर्क हैं। उन्हें हर सामान सैनिटाइज किया हुआ चाहिए, साथ ही सुरक्षा के हिसाब से रिसॉर्ट या अच्छा होटल हर किसी को चाहिए। खुले में अब कोई शादी नहीं चाहता है। दूसरे प्लानर कहते हैं कि हम भी एक साथ कई प्रोजेक्ट हाथ में नहीं ले रहे हैं, खुद की सेहत का ख्याल भी जरूरी है।
शिप्रा भदौरिया कहती हैं कि फिलहाल अपर क्लास ही शादियों की प्लानिंग के लिए आ रहे हैं। लोगों ने शादी में फंक्शन की संख्या घटा दी है। जैसे मेहंदी-हल्दी अब साथ होगी। इसी के साथ संगीत सेरेमनी भी कर लेना चाह रहे हैं। आमतौर पर रिसेप्शन और शादी समारोह दोनों को लेकर उत्साहित रहते थे, लेकिन इस बार एक ही च्वॉइस लेकर आ रहे हैं। जो रिसेप्शन चाह रहे हैं, वे शादी 20 लोगों की उपस्थिति में घर में या कहीं कर ले रहे हैं। दूसरी तरफ कई लोगों ने रिसेप्शन का प्लान रद्द कर दिया है।
वेडिंग प्लान करते वक्त प्लानर और आयोजकों दोनों ने एंटरटेनमेंट से जुड़े किसी भी इंतजाम से इनकार कर दिया है। प्लानर हिमांशु गुप्ता कहते हैं कि न तो आर्केस्ट्रा की मांग है न ही किसी थीम वेडिंग की चाह। दूसरे सेलिब्रिटी को बुलाकर शादी को खास बनाने वाले लोगों ने भी भीड़ से बचने के लिए इससे इनकार कर दिया है।