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लखनऊ में गोमती की बाढ़ हुई विकराल: पलासियो मॉल तक पहुंचा नदी का पानी, इकाना स्टेडियम के सामने भी जलभराव

Wed, 07 Oct 2026 09:21 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 07 Oct 2026 09:21 PM IST
सार

Flood in Lucknow: लखनऊ में गोमती नदी में आई बाढ़ अब शहर के पॉस इलाकों में पहुंच गई है। बुधवार की शाम पलासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के सामने डेढ़ से दो फिट पानी जमा हो गया था। 

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Lucknow: The Gomti River has flooded, with knee-deep water in front of the Plasio Mall; waterlogging in front
विकराल हुई गोमती की बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बीते दिनों से गोमती नदी में आई बाढ़ लगातार अपना रौद्र रुप दिखाती जा रही है। मंगलवार को इकाना स्टेडियम में होने वाले मैच से पहले स्टेडियम के आसपास के पानी को रोक दिया गया था। मैच खत्म होते ही बुधवार को पानी खोल दिया गया। पानी खोलते ही स्टेडियम के सामने और उसके आगे पलासियो मॉल तक पानी का स्तर बढ़ता गया। दोपहर तक कुछ इंच तक जलभराव हुआ। देखते ही देखते यह जलभराव डेढ़ से दो फिट तक हो गया। सूत्रों के अनुसार पानी का फ्लो खोलते ही इस इलाके में बाढ़ की नौबत आ गई।  इसके पहले बीते एक सप्ताह से लखनऊ के कई इलाके पानी से जलमग्न हैं। बीते दिनों शहर के मध्य में स्थित मरीन ड्राइव, हनुमंत धाम आदि इलाके जलमग्न हो गए हैं। 

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मैच के बाद पानी भरने पर सवाल
लखनऊ शहर के कई इलाके बीते दिनों से पानी में डूबे हुए थे। इन इलाकों के लोग यह आरोप लगा रहे थे कि मैच की वजह से पानी रोक दिया गया है जिसके चलते यहां बड़ी मात्रा में जलभराव हुआ है। बुधवार को ऐसा ही हुआ। जैसे ही गोमती के पूरे पानी को छोड़ा गया वैसे ही स्टेडियम और पलासियो मॉल के पूरे इलाके में जलभराव की नौबत आ गई। पानी अचानक कैसे बढ़ा इस बारे में अभी किसी का आधिकारिक बयान नहीं आया है। 
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गोमतीनगर विस्तार में नदी के पानी का प्रवेश रोका
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-7 और इकाना स्टेडियम के आसपास पहुंचे पानी को रिहायशी क्षेत्र में बढ़ने से रोकने के लिए एलडीए ने इकाना स्टेडियम के पीछे बोल्डर और मिट्टी से अस्थायी बांध बनाया है। इसके जरिये करीब ढाई घंटे में पानी का नया प्रवाह रोक दिया गया। इसके बाद क्षेत्र में जलस्तर करीब छह इंच कम हुआ। एहतियात के तौर पर सेक्टर-7 के अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी मिट्टी डालकर अवरोध बनाए गए हैं। एलडीए की टीमें क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी कर रही हैं।
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दर्जन भर गांव के तीन हजार घरों में घुसा बाढ़ का पानी

Lucknow: The Gomti River has flooded, with knee-deep water in front of the Plasio Mall; waterlogging in front
मॉल के सामने जलभराव। - फोटो : अमर उजाला।

दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हयात नगर न्यू कॉलोनी से बुधवार को 40 से अधिक परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, टाड़खेड़ा, सैथा, उमरावखेड़ा, गुलमीखेड़ा, सुखलालखेड़ा और धनसिंहखेड़ा समेत दर्जन भर गांव के करीब तीन हजार घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे ग्रामीणों को पलायन और चोरी का भय सताने लगा है।

जोनल अधिकारी अमरजीत यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही नाव से परिवारों को गृहस्थी समेत सुरक्षित निकालकर रैन बसेरों में पहुंचाया जा रहा है। उमरावखेड़ा में पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। सीएचसी अधीक्षक केडी मिश्रा ने बताया कि बुधवार को 134 किट विभिन्न दवाएं वितरित की गईं। तीन दिनों में 807 किट बांटी जा चुकी है। डॉक्टरों की टीम अब तक 257 घरों का सर्वे कर चुकी है और मरीजों की जांच कर दवाएं दी जा रही हैं। दो गर्भवती महिलाओं को सीएचसी भेजा गया, जिसमें सैथा की महिला का सामान्य प्रसव हुआ। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। विवेक यादव, लवकुश, दिनेश और सुरेश समेत ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में रात की गश्त बढ़ाने की मांग की है।

घैला गांव बाढ़ में डूबा , मवेशी लेकर आईआईएम रोड पहुंचे ग्रामीण

गोमती का जलस्तर बढ़ने से घैला गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आया गया है। करीब छह हजार की आबादी वाले गांव के चारों ओर पानी भर चुका। आईआईएम रोड से गांव को जोड़ने वाला इकलौता रास्ता तीन से चार फीट पानी में डूबने से ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। घरों में पानी घुसने और मवेशियों के लिए चारे व साफ पानी का संकट खड़ा होने के बाद पशुपालक मवेशी लेकर आईआईएम रोड के किनारे पहुंच गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ प्रभावित मामा कॉलोनी, पवन विहार और दाऊदनगर समेत अन्य इलाकों पर प्रशासन का ज्यादा ध्यान है, जबकि घैला गांव को भुला दिया गया है। गांव में अब तक राहत सामग्री, चारा या साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है।

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